पिछले दरवाजे से निकाल कर सुब्रत रॉय को सड़क मार्ग से दिल्ली ले गई पुलिस

सहाराश्री से मिलने के लिए विधायक महेंद्र यादव भी पहुंचे लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। गौरतलब है कि निवेशकों को पैसा नहीं लौटाए जाने के मामले में सुब्रत रॉय को शुक्रवार को उनके आवास सहारा शहर से गोमतीनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि सहाराश्री के वकील जेठमलानी ने इसे समर्पण कहा था। एक बार फिर पुलिस ने मीडियाकर्मियों को चकमा देते हुए सहारा प्रमुख को ऐन मौके पर पिछले गेट से निकाला।
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एएसपी ट्रांसगोमती हबीबुल हसन के मुताबिक सीओ गाजीपुर विशाल पांडेय व एसओ गोमतनगर अजीत सिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम तीन वाहनों से सुब्रत रॉय को कानपुर से आगरा होते हुए दिल्ली ले जाएगी। सुब्रत रॉय के गेस्ट हाउस से निकलने के बाद ही पुलिस वाहनों के पीछे उनके करीबियों के लग्जरी वाहनों का काफिला भी लग गया था। सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना के मामले में सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय सहारा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था जिसके तहत गोमतीनगर पुलिस ने 27 फरवरी को सहारा शहर में सुब्रत रॉय की तलाश की थी पर वह नहीं मिले थे।
अगले दिन यानी 28 फरवरी को पुलिस ने सहारा शहर से सुब्रत रॉय को गिरफ्तार कर शाम करीब साढ़े पांच बजे सीजेएम कोर्ट में प्रस्तुत किया था। तब भी पुलिस ऐन मौके पर सहारा प्रमुख को सहारा शहर के पिछले गेट से लेकर अचानक कोर्ट के लिए लेकर रवाना हो गई थी। कोर्ट में पेश करने के बाद से पुलिस ने सुब्रत रॉय को कुकरैल स्थित वन विभाग के गेस्ट हाउस में रखा था। सोमवार सुबह से भी गेस्ट हाउस में सहारा प्रमुख से मिलने के लिए उनके परिवारीजन व करीबियों का तांता लगा था।
इसी दौरान दोपहर करीब तीन बजे पुलिस ने अचानक सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय को गेस्ट हाउस के पीछे वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय के गेट से बाहर निकाला और वाहन से दिल्ली के लिए लेकर चल दी। एएसपी ट्रांसगोमती के मुताबिक टीम के साथ एक दरोगा, एक हेड कांस्टेबिल व छह से अधिक सिपाही भी साथ भेजे गए हैं। पुलिस अधिकारी शाम करीब छह बजे पुलिस टीम के कानपुर देहात की सीमा पर होने की बात कह रहे थे। बताया गया कि पुलिस टीम दिल्ली यात्रा के दौरान रात्रि में एक स्थान पर रुकने की योजना बनाकर भी निकली है। माना जा रहा है कि टीम सुब्रत रॉय को लेकर आगरा में कहीं ठहरेगी। हालांकि पुलिस अधिकारी अभी इस बारे में कुछ कहने से कतरा रहे हैं।
Did You Know: सन् 2004 में टाइम पत्रिका ने सहारा समूह को भारतीय रेल के बाद दूसरा सबसे बड़ा नियोक्ता बताया था।












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