क्यों सुबीर गोकर्ण बन सकते हैं रिजर्व बैंक के गवर्नर, जानिए
रिजर्व बैंक का अगला गवर्नर कौन होगा, इसकी संभावनाओं के बीच एक बार फिर से रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण की दावेदारी पक्की होती नजर आ रही है, जो शुक्रवार को रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन से मिले थे। आपको बता दें कि इसी सप्ताह में गोकर्ण वित्त सचिव शक्तिकांत दास से भी मिले हैं।

अभी तक सरकार ने ऐसे कोई संकेत नहीं दिए हैं कि वह रिजर्व बैंक के अगले गवर्नर के नाम की घोषणा कब करने जा रही है। हालांकि, खबरें हैं कि नए गवर्नर की नियुक्ति की घोषणा इसी सप्ताह मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की घोषणा के साथ ही की जा सकती है। यह कमेटी ब्याज दरों के निर्धारण का काम करेगी, जो अब रिजर्व बैंक किया करता था। इसलिए, अपेक्षा की जा रही है कि मंगलवार को आने वाली मॉनिटरी पॉलिसी रघुराम राजन द्वारा पेश की जानी वाली आखिरी मॉनिटरी पॉलिसी होगी।
अब तक रिजर्व बैंक के गवर्नर पद के लिए कई नाम सामने आए हैं, जिनमें चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर अरविंद सुब्रमण्यन, वर्ल्ड बैंक के पूर्व प्रमुख अर्थशास्त्री कौशिक बसु, नीति आयोग के वाइस-चेयरमैन अरविंद पनगढ़िया, रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर राकेश मोहन और भारतीय स्टेट बैंक की चेयरमैन अरुंधति भट्टाचार्य हैं।
सुबीर गोकर्ण 2009 में रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर नियुक्त किए गए थे, जो सबसे कम उम्र के डिप्टी गवर्नर बने थे। इस समय सुबीर गोकर्ण की उम्र 56 साल है। यूपीए सरकार आने के बाद गोकर्ण को दूसरे टर्म की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें 2015 इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड का एक्जिक्युटिव डायरेक्टर बना दिया गया।
रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर के पद पर नियुक्त होने से पहले गोकर्ण 2007-09 एशिया-पैसिफिक के लिए स्टैंडर्ड एंड पूअर्स चीफ इकोनॉमिस्ट के पद पर कार्यरत थे। गोकर्ण ने 1989 में अमेरिका की केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी से पीएच.डी. की डिग्री हासिल की थी। उन्होंने इंद्रा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट रिसर्च में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर भी काम किया है।












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