• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

10 दिन की हड़ताल पर किसान, सब्जी और दूध की हो सकती है किल्लत

|
    Farmers Strike : 10 दिनों तक Vegetables,Milk की बढ़ी किल्लत, Government से नाराजगी | वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। देशभर के किसान अपनी अलग-अलग मांग को लेकर आज से 10 दिन की हड़ताल पर हैं। जिसकी वजह से सब्जियों और दूध की किल्लत का लोगों को सामना करना पड़ सकता है। इंडियन फार्मर्स एसोसिएश के राष्ट्रीय प्रधान सतनाम सिंह ने बताया कि इस दौरान किसान दूध, सब्जी और चारा शहर में नहीं बेचेंगे और ना ही बाजार से खरीदेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से दुखी होकर किसान लगातार खुदकुशी कर रहे हैं।

    vegetable

    किसानों की मुख्य मांग है कि उनके कर्ज को माफ किया जाए और उनको उनकी फसल की लागत के साथ 50 फीसदी मुनाफा दिया जाए। किसान मांग कर रहे हैं कि स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू किया जाए, जिससे कि किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिल सके। साथ ही किसान इस बात की मांग क र रहे हैं कि पेट्रोल और डीजल के दाम को कम किया जाए और इसे भी जीएसटी के अंतर्गत लाया जाए।

    किसानों का कहना है कि इस समय किसानों के खेत में तरबूज और खरबूज भरा पड़ा है, लेकिन उसकी सप्लाई नहीं हो पाने की वजह से वह सड़ जाएगा और सड़क पर फेंकना पड़ेगा। यहां गौर करने वाली बात यह है कि एक तरफ जहां सब्जी के किसानों ने हड़ताल में शामिल होने की बात कही है तो दूसरी तरफ दूध के किसानों ने इसमे शामिल नहीं होने का बात कही है, लिहाजा दूध के किसानों ने सरकार से सुरक्षा की मांग की है। हालांकि इस हड़ताल के दौरान किसान गांव से सटे हाइवे पर अपना सामान बेच सकते हैं, लेकिन शहर में उन्हें सामान नहीं बेचने दिया जाएगा।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Strike of farmers for 10 days crisis of vegetable may hit.
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more