AI के गलत इस्तेमाल पर कड़ा पहरा! Deepfake को लेकर बड़ा दावा- Digital India Bill लाने की तैयारी में केंद्र
एआई के आविष्कार ने एक नए युग को जन्म दिया है। साइटिस्ट्स काफी हद तक मशीनी युग को विकसित करने में सफल भी हुए हैं, जहां इंसानों के सारे काम इंसानों के बिना निपटाए जा सकेंगे। डिजिटल इंडिया इस दिशा में एक बड़ा कदम है। लेकिन एआई के दुरुपयोग भी सामने आए हैं, जिससे समूचा विश्व चिंतित है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। ऐसे में डीपफेक कंटेंट पर अब भारत सरकार की कड़ी नजर है। दावा किया जा रहा है एआई तकनीकी के इस्तेमाल से क्रिएट किए गए फर्जी कंटेंट पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार जल्द एक मजबूत कानून लेकर आएगी।
सरकार पिछले साल यानी वर्ष 2023 से ही एआई के दुरुपयोग को लेकर गंभीर है। पिछले साल की शुरुआत में तत्कालीन केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने भी इस विधेयक के बारे में संकेत दिया था। एक बयान में उन्होंने कहा कि अगली सरकार इसे क्रियान्वयन में लाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर विचार करेगी।

दरअअसल, डिजिटल इंडिया बिल का उद्देश्य एआई जेनरेटेट डीप फेक वीडियो की जांच करना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग करने के बेहतर बनाने पर केंद्रित होगा। एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि मोदी सरकार डीप फेक वीडियो और अन्य ऑनलाइन सामग्री के खतरों को देखने के लिए आगामी संसद सत्र में एक विधेयक पेश करने की योजना बना रही है, जिसे डिजिटल इंडिया बिल नाम दिया गया है।
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि नया कानून आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग करने के बेहतर तरीके भी तलाशेगा। सरकार संसद में पेश करने से पहले बिल पर एक क्रॉस-पार्टी सहमति प्राप्त करने का भी प्रयास किया जाएगा।












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