इंटरनेट की वजह से श्रीनगर में लहरा रहे हैं आईएसआईएस के झंडे!
नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में आतंकी संगठन आईएसआईएस के झंडे दिखने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं और बढ़ गई हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आखिरकार युवा कहां से और कैसे वे रोज एक नए शातिर प्लान के साथ सामने आ जाते हैं। इसकी वजह है इंटरनेट और इस पर संगठन से जुड़ी तमाम जानकारियां।
जीं हां, एक सर्वे के मुताबिक देश में मुंबई और श्रीनगर दो ऐसे शहर हैं जहां पर युवा आईएसआईएस के बारे में जानकारियां इकट्ठा करने में सबसे आगे हैं। यह सर्वे एक इंग्लिश डेली में मंगलवार को पब्लिश हुआ है।
क्या कहता है सर्वे
इस सर्वे पर अगर भरोसा करें तो न सिर्फ मुंबई जैसे बड़े शहर बल्कि उत्तर प्रदेश के उन्नाव जैसे छोटे शहरों में भी लोग आईएसआईएस के बारे में जानकारियां हासिल कर रहे हैं।
इन शहरों में मुंबई और श्रीनगर के अलावा बेंगलुरु और हैदराबाद, गुवाहाटी और पुणे का उपनगरीय इलाका चिंचवाड़ भी शामिल है। एक नजर इस सर्वे के कुछ खास प्वाइंट्स पर-
- आईएसआईएस के बारे में दिलचस्पी लेने वालों में 18 से 30 साल के युवा सबसे ज्यादा हैं।
- जम्मू कश्मीर में आईएसआईएस की सोशल मीडिया गतिविधियों को सबसे ज्यादा देखा जाता है।
- ट्विटर, फेसबुक, यूट्यूब और गूगल पर हर तबके का युवा आईएसआईएस के बारे में सर्च कर रहा है।
- आईएसआईएस सोशल मीडिया पर अपनी पकड़ मजबूत करता जा रहा है।
- इसकी वजह से शहरों में रहने वाला और हाई क्लास का युवा संगठन में अपनी दिलचस्पी लेने लगा है।
- सोशल मीडिया पर आईएसआईएस से जुड़ें कंटेंट का एक्सेस भारत में पाकिस्तान की तुलना में कहीं ज्यादा आसान है।
इस सर्वे के बारे में पांच और खास बातें आगे की स्लाइड्स में।

कहां से आता सबसे ज्यादा ट्रैफिक
वेस्ट एशिया वह रीजन है जहां पर इंटरनेट का ट्रैफिक आईएसआईएस की वजह से सबसे ज्यादा है। इसके बाद इराक, फिर सीरिया, अमीरात, नॉर्थ-ईस्ट अफ्रीका और फिर वेस्ट यूरोप का नंबर आता है।

पाकिस्तान भी नहीं पीछे
पाकिस्तान साउथ ईस्ट एशिया का वह रीजन है जहां इंटरनेट ट्रैफिक सबसे ज्यादा आईएसआईएस की वजह से है।

16 वर्ष के टीनएजर्स भी सक्रिय
आईएसआईएस की सोशल मीडिया एक्टिविटी को 16 वर्ष के बच्चे भी ट्रैक करते हैं।

उत्तर प्रदेश और बंगाल तक में सर्च
उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और असम के युवा आईएसआईएस से जुड़ी जानकारियां इंटरनेट पर हासिल कर रहे हैं।

मीडिया कवरेज ने युवाओं को किया प्रोत्साहित
पिछले वर्ष कल्याण के चार युवा जिन्होंने इराक और सीरिया में जाकर आईएसआईएस को ज्वॉइन किया था, उनसे जुड़ी मीडिया कवरेज ने युवाओं को आईएसआईएस के लिए और ज्यादा प्रोत्साहित किया है।












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