किस कोड वर्ड के जरिए पाक कर रहा था इंडियन आर्मी और एयरफोर्स की जासूसी
राजस्थान से इंटेलीजेंस ब्यूरों को मिली दो पाकिस्तानी जासूसों की जानकारी जो इंडियन आर्मी और एयरफोर्स की जासूसी के लिए करते थे मकड़ी और चिड़िया जैसे कोर्ड वर्ड का प्रयोग।
नई दिल्ली। इंटेलीजेंस ब्यूरों (आईबी) को पिछले शुक्रवार को दो पाकिस्तानी जासूसों के बारे में जानकारी मिली और फिर इन जासूसों को गिरफ्तार कर लिया गया। ये जासूस इंडियन आर्मी और एयरफोर्स की जासूसी करते थे। खास बात है कि जासूस, जासूसी के लिए मकड़ी और चिड़िया जैसे कोड वर्ड का प्रयोग करते थे।

उरी आतंकी हमले के बाद और बढ़ी सक्रियता
आईबी ने सतराम माहेश्वरी और उसके भांजे विनोद को गिरफ्तार किया और अब दोनों से पूछताछ जारी है। सतराम अपने भांजे के साथ वर्ष 2008 में भारत आया था। वह पाकिस्तान का रहने वाला है और उसने भारत की नागरिकता के लिए अप्लाई किया और उसे नागरिकता मिल भी गई थी। वह आईएसआई के एक मेजर के साथ लगातार जानकारियां साझा कर रहा था। उरी आतंकी हमले के बाद, सतराम को मिलिट्री ड्रिल और ट्रूप के मूवमेंट की जानकारियां साझा करने का काम दिया गया। सतराम ने बटालियंस से जुड़ी कई जानकारियों, इंडियन आर्मी के कॉलम और साथ ही टैंकर्स से जुड़ी जानकारियों को साझा किया। उसने आर्मी की जानकारियां देने के लिए मकड़ी और एयरफोर्स के लिए चिड़िया शब्द का प्रयोग किया।
कैसे मिलती थी जासूसी की रकम
जो जांच हो रही है उसमें यह बात भी सामने आई है कि सतराम दो व्यक्तियों दाऊद और राशिद के संपर्क में था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दोनों सतराम के हैंडलर्स थे। वह और उसका भांजा जानकारियां हासिल करते और फिर इन्हें इन तक भेजे देते और फिर यहां से जानकारियां आईएसआई तक जाती थी। पुलिस के मुताबिक सतराम का लगातार हवाला के जरिए अच्छी-खासी रकम मिल रही थी। रकम कितनी होगी यह जानकारी किस तरह की है इस पर निर्भर करता था।












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