मध्य प्रदेश की वो '16 जादुई सीटें', जिनपर जीत हासिल करने वाली पार्टी बनाती है सरकार
नई दिल्ली। एग्जिट पोल के आंकड़ों और सट्टा बाजार के अनुमानों के बाद कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी की नजरें अब उन 16 सीटों पर हैं जो मध्य प्रदेश में सरकार बनाने का रास्ता तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इन 'स्पेशल 16' विधानसभा सीटों पर दोनों दलों की नजरें टिकीं हैं। इन जादुई 16 सीटों पर जीत दर्ज करने का दावा कांग्रेस और बीजेपी दोनों का खेमा लगातार कर रहा है लेकिन असल में बाजी किसके हाथ लगेगी ये तो 11 दिसंबर को घोषित होने वाले चुनाव परिणाम ही तय करेंगे। जानते हैं क्यों स्पेशल हैं मध्य प्रदेश की ये 16 विधानसभा सीटें..

'स्पेशल 16' पर बीजेपी और कांग्रेस की नजरें
मुख्य राजनीतिक दलों के रणनीतिकार हर प्रकार के समीकरण आजमा रहे हैं कि ये 16 सीटें किसे सत्ता के करीब लेकर जा सकती है। दरअसल, एक मिथक इन 16 सीटों को लेकर रहा है कि विधानसभा चुनावों के दौरान जिस पार्टी ने इनपर जीत हासिल की है, उसे सूबे में सरकार बनाने में कामयाबी मिली है। पिछले 6 विधानसभा चुनावों से ऐसा ही हो रहा है। इन 16 सीटों का परिणाम इशारा करता है कि मध्य प्रदेश में हवा का रुख किस तरफ है। इसीलिए चुनावी विश्लेषक इन सीटों को 'बेल वेदर' यानी आने वाले मौसम की भविष्यवाणी करने वाली सीटों की संज्ञा दे रहे हैं।

इन सीटों पर जीत हासिल करने वाली पार्टी ने बनाई है सरकार
मध्य प्रदेश की इन 16 सीटों में मालवा-निमाड़ क्षेत्र की मनावर, खारगौन, सेंधवा, सुसनेर, जवाड़ और बड़नगर सीटें शामिल हैं। जबकि ग्वालियर (पूर्वी), सौंसर, नरयावली, होशंगाबाद, घोड़ा, डोंगरी, बैतूल, नेपानगर की सीटों के साथ-साथ पूर्वी मध्य प्रदेश के बिजावर, बड़वारा और निवास की सीटें भी 'स्पेशल 16' में गिनी जाती हैं। इसी को देखते हुए राजनीतिक दलों का खासा जोर इन सीटों पर जीत हासिल करने पर रहा है।

37 सालों में, 4 सीटों पर जीत हासिल करने वाले दल ने बनाई सरकार
कांग्रेस और बीजेपी दोनों दलों ने इन 16 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करने से पहले काफी मंथन किया था। इन सीटों के बारे में जो मिथक है, कुछ राजनेता भी इसपर विश्वास करते हैं। इनमें 4 ऐसी विधानसभा सीट हैं जिनपर पिछले 37 सालों में जीत हासिल करने वाले दल ने सरकार बनाई है। पिछले 9 विधानसभा चुनावों के दौरान, जिस दल ने खारगौन, नेपानगर, सेंधवा और निवास सीट पर जीत हासिल की, उसी ने सरकार बनाई।

29 सालों में, इन 6 सीटों पर जीत दर्ज कर राजनीतिक दल ने बनाई सरकार
जबकि मध्य प्रदेश में तीन ऐसी सीटें हैं जिनपर जीत दर्ज करने वाली पार्टी ने अपनी सरकार बनाई है। पिछले 34 सालों में मनावर, सौसर और नरयावली सीटों पर जीत हासिल करने वाली पार्टी सत्ता तक पहुंचने में कामयाब रही है। स्पेशल 16 में, 6 सीटें ऐसी हैं जिनपर पिछले 29 सालों में जीत हासिल करने वाले दल ने सूबे में सरकार बनाई है। बड़वारा, घोड़ा डोंगरी, बड़नगर, बैतूल, जवाड़ और होशंगाबाद की सीटों पर 7 विधानसभा चुनावों के दौरान जीत करने वाली पार्टी ने मध्य प्रदेश का किला फतह किया है।












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