मायावती के उपचुनाव में अकेले उतरने की खबरों पर सपा विधायक का पलटवार, कही बड़ी बात
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच बना महागठबंधन, क्या चुनाव नतीजों के बाद अब मुश्किल दौर से गुजर रहा है? ये सवाल इसलिए उठे हैं क्योंकि मीडिया रिपोर्ट्स से मुताबिक बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को पार्टी पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इसमें उन्होंने महागठबंधन के उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिलने के लिए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है। मायावती ने कहा कि लोकसभा चुनाव में सपा का वोट बीएसपी को ट्रांसफर नहीं हुआ। यही नहीं उन्होंने पार्टी नेताओं को स्पष्ट किया है कि यूपी में होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए तैयार रहें। खबर ये भी है कि मायावती आगामी उपचुनाव में अकेले उम्मीदवार उतार सकती हैं। हालांकि अभी तक इसको लेकर बसपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि इन खबरों को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया आई है। समाजवादी पार्टी के विधायक ने पलटवार किया है।
सपा विधायक हरिओम यादव बोले- गठबंधन से केवल मायावती को फायदा हुआ
सपा विधायक हरिओम यादव ने मायावती के उस बयान पर टिप्पणी की है, जिसमें उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी का वोट बहुजन समाज पार्टी को ट्रांसफर नहीं हुआ। सपा विधायक ने कहा, "गठबंधन से केवल मायावती को फायदा हुआ, समाजवादी पार्टी को इससे भारी नुकसान हुआ। अगर गठबंधन नहीं होता, तो मायावती की एक भी सीटें नहीं आती और समाजवादी पार्टी 25 सीटें जीतने में कामयाब होती। यादव समुदाय ने उन्हें वोट दिया, लेकिन बहन जी का वोट शेयर भाजपा में चला गया।"

मायावती ने बैठक में गठबंधन को लेकर उठाए सवाल
बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद सोमवार को दिल्ली में बीएसपी नेताओं की बैठक हुई, जिसमें हार के कारणों की समीक्षा की गई। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मायावती ने कहा कि इस गठबंधन से यूपी में कोई फायदा नहीं हुआ। ना तो यादवों का वोट बीएसपी को ट्रांसफर हुआ ना ही जाटों के ही मिले। ऐसे में बसपा यूपी में 11 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों में अकेले लड़ेगी। सपा-रालोद गठबंधन को लेकर हालांकि अभी कोई ऐलान नहीं किया गया है।

क्या टूट की कगार पर है सपा-बसपा महागठबंधन?
सूत्रों के मुताबिक, बीएसपी मायावती ने बैठक के दौरान कहा कि शिवपाल यादव ने यादव वोटों को बड़ी संख्या में भाजपा को ट्रांसफर करा दिया। उन्होंने कहा कि यूपी में जो 10 सीटें बसपा को मिली हैं, उनमें मुसलमानों के वोटों की बड़ी भूमिका है। बता दें कि लोकसभा चुनाव एसपी, बीएसपी और आरएलडी के बीच गठबंधन हुआ था। तीनों दल मिलकर लड़े लेकिन 15 सीटें ही जीत सके। बीएसपी 10 सीटों पर ही जीत सकी जबकि एसपी को केवल 5 सीटें मिलीं। बीजेपी को 62 सीटों पर जीत मिली।












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