बस बनने वाला है मोदी का पसंदीदा संस्थान
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) योजना आयोग के स्थान पर टेक्नोक्रेट, उद्योगपतियों,मुख्यमंत्रियों, अर्थशास्त्रियों वगैरह का समूह सरकार को विभिन्न मसलों पर सलाह और सिफारिशें दिया करेगा। यह योजना भवन से ही काम करेगा । हां, इस पर सीधा कंट्रोल प्रधानमंत्री कार्यालय का रहेगा।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह समूह इस साल के अंत तक गठित हो जाएगा। यह अपनी सिफारिशें इस तरह से करेगा ताकि देश में संघीय ढांचा खड़ा रहे। इसके अलावा,समावेशी विकास को बल मिले।
चीन का मॉडल
योजना आयोग के स्थान पर बनने वाला संस्थान चीन के नेशनल डवलपमेंट एंड रिफाम कमीशन की तर्ज पर होगा। बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने स्वाधीनता दिवस पर दिए भाषण में योजना के स्थान पर नए संस्थान को बनाने का साफतौर पर एलान किया गया था।
दरअसल योजना आयोग के कामकाज पर काफी समय पहले से सवालिया निशान खड़े किए जाते रहे। बहुत से जानकारों का कहना था कि यह अपने लक्ष्यों को हासिल नहीं कर सका। इसमें उन कथित विद्वानों को जगह मिलती रही,जो सरकार के चाटुकार रह होते हैं।
योजना आयोग का स्थान लेने वाले संस्थान में राज्यों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व रहेगा। हां,केन्द्र सरकार की तरफ से नियुक्त विशेषज्ञ तो रहेंगे ही। यह केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करता रहेगा और उन्हें बेहतर बनाने के तरीके भी बताएगा।












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