श्रीलंका में सत्ता परिवर्तन तो तमिलनाडु में मनाया गया जश्न
कोलंबो। श्रीलंका में चुनावों के नतीजों से पहले ही राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने अपनी हार मान ली और साफ हो गया कि कभी राजपक्षे के दोस्त मैथ्रिपाला सिरीसेना अब श्रीलंका के नए राष्ट्रपति होंगे। भले ही यह चुनाव श्रीलंका में हुए हों लेकिन भारत के लिए लिहाज से भी यह काफी अहम हैं। सबसे खास बात है कि तमिलनाडु की कई राजनीतिक पार्टियों ने राजपक्षे की हार का जश्न मनाया है। इस घटनाक्रम के बाद इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि भारत पर भी श्रीलंका में हो रहे घटनाक्रमों का खासा असर पड़ेगा।

भारत की चिंताएं
- श्रीलंका के तमिल इलाकों में बड़ी तादाद में वोटर्स वोट करने के लिए निकले और यह भारत के लिए चिंता का विषय हो सकता है। ,
- पिछले दिनों चीन की पनडुब्बी का श्रीलंका में नजर आना, श्रीलंका से होने वाली स्मगलिंग की वजह से भारत पहले से ही परेशान है।
- अब दक्षिण भारत पर श्रीलंका के जरिए दक्षिण भारत अपनी नजर जमा रही आईएसआई की वजह से चिंताए दोगुनी हो गई हैं।
- भारत पिछले कई वर्षो से इस बात पर जोर देता आ रहा है कि तमिल इलाकों को सत्ता सौंपनी चाहिए।
- श्रीलंका के संविधान के 13वें संशोधन के तहत इस बात को राजपक्षे ने मंजूरी दी थी कि वह तमिल बाहुल्य वाले इलाकों को सत्ता सौंप देंगे।
- राजपक्षे ने कभी अपने उस वादे को कभी भी पूरा नहीं किया।
- भारत को अब श्रीलंका से उम्मीद है कि वह इस मुद्दे पर ध्यान देगा।
- यह मुद्दा इसलिए अहम है क्योंकि भारत और श्रीलंका के बीच पिछले कई वर्षों से यह बहस का मुद्दा बना हुआ है।
- भारत को उम्मीद है कि श्रीलंका इस मुद्दे को एक संतुलित तरीके से डील करेगा।
- एक पड़ोसी के तौर पर श्रीलंका भारत के लिए काफी अहमियत रखता है।
- भारत को पुरानी कई समस्याओं को सुलझाने और श्रीलंका के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए श्रीलंका के साथ की जरूरत है।
चीन का दखल
- श्रीलंका और चीन की करीबी भारत के लिए अप्रसन्नता का विषय बनी हुई है।
- कुछ माह पूर्व श्रीलंका में चीन की न्यूक्लियर सबमरीन नजर आई थी और भारत के लिए यह चिंता का बड़ा विषय है।
- भारत को लगता है कि चीन की इस पनडुब्बी का श्रीलंका में होना भारत के लिए एक बड़ा खतरा है।
- इस बात के भी कई सुबूत मिले हैं कि श्रीलंका के जरिए चीन भारत की सीमा में हथियारों की स्मगलिंग कर रहा है।
- श्रीलंका ने भारत को इस ओर निश्चिंत किया है कि वह उसकी चिंताओं से वाकिफ है लेकिन अब नए राष्ट्रपति को भी वहीं भरोसा देना होगा।
- श्रीलंका कई बार इस बात को कह चुका है कि वह भारतीय महाद्वीप में है जो कम्यूनिकेशन का सेंटर है।
- इसका मतलब है कि चीन, श्रीलंका के जरिए भारतीय महाद्वीप का और तेजी से प्रयोग करेगा।
आईएसआईए का अड्डा
- हाल ही में श्रीलंका के एक नागरिक को चेन्नई में जब गिरफ्तार किया गया तो उसने जानकारी दी कि आईएसआई श्रीलंका में मौजूद है।
- ऑपरेटिव शाकिर हुसैन ने पुलिस को जानकारी दी कि आईएसआई का मॉड्यूल श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में स्थित पाक हाई कमीशन में मौजूद है।
- इस मॉड्यूल को हाई कमीशन के काउंसलर अमीर जुबैर सिद्दीकी की ओर से चलाया जा रहा है।
- भारत ने इस घटना को कई बिंदुओं से देखने और परखने की कोशिश की है।
- इसमें एक बिंदु है कि आईएसआईए अब दक्षिण भारत के काफी करीब आ गया है।
- वह श्रीलंका के जरिए दक्षिण भारत को निशाना बनोन की फिराक में रहेगा।
- भारत की दूसरी चिंता है कि श्रीलंका को वर्ष 2009 में पाक की ओर से सप्लाई किए गए रक्षा उपकरण।












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