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NEET 2020 Topper Shoyeb Aftab: शोएब आफताब से जानिए कैसे की थी उन्‍होंने परीक्षा की तैयारी

Shoyeb Aftab NEET 2020 Topper: शोएब आफताब से जानिए कैसे की थी उन्‍होंने परीक्षा की तैयारी

नई दिल्‍ली। NEET Result 2020 : नेशनल टेस्ट‍िंग एजेंसी नीट परीक्षा का र‍िजल्ट शुक्रवार (16 अक्‍टूबर) को जारी हुआ। जिसमें ओडीशा के शोएब आफताब सभी को पछाड़ कर टॉपर बने। शोएब आफताब ने टॉप करने वाले सोएफ आफताब नीट की परीक्षा में शतप्रतिशत अंक हासिल कर ये कीर्तिमान रचा है। उन्‍होंने नीट की परीक्षा में बेहतरीन इतिहास रचा है। 18 वर्षीय शोएब ने टॉप करके ओडिशा के नाम एक नया इतिहास रच दिया है क्‍योंकि शोएब ओडीशा के पहले लड़के हैं जिन्‍होंने नीट टॉप किया है। आइए जानते है 100 प्रत‍िशत अंक पाने वाले शोएब आफताब ने कैसे इस परीक्षा की तैयारी की थी।

शोएब आफताब ने राजस्थान के कोटा में स्थित एक संस्थान से कोचिंग ली थी

शोएब आफताब ने राजस्थान के कोटा में स्थित एक संस्थान से कोचिंग ली थी

शोएब आफताब ने इस कामयाबी के पीछे उनकी दिन रात की मेहनत है। 100 फीसदी अंक पाने वाले शोएब आफताब ने राजस्थान के कोटा में स्थित एक संस्थान से कोचिंग ली थी। कोटा के एक संस्थान से कोचिंग लेने वाले शोएब को रिजल्‍ट आने से पहले ही अनुमान था कि उनके 100 प्रतिशत नंबर आएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टॉपर शोएब आफताब ने पहले ही अनुमान लगा लिया था कि वह पहली रैंक हासिल कर सकते हैं। जो परिणाम घोषित होने से कुछ समय पहले एनटीए द्वारा एनईईटी 2020 उत्तर कुंजी जारी किया था उससे मिलना करने के शोएब ने दावा किया कि वो इस परीक्षा में पूर्ण अंक हासिल करेंगे। NEET परिणाम की मेरिट लिस्ट में, शोएब आफताब ने 720 में पूरे 720 अंक हासिल कर रिकॉर्ड कायम कर दिया।

परिवार के मुश्किल वक्‍त में भी शोएब का कम नहीं हुआ हौसला

परिवार के मुश्किल वक्‍त में भी शोएब का कम नहीं हुआ हौसला

शोएब की पढ़ाई का सफर आम बच्‍चों की तरह नहीं रहा, परिवार पर मुश्किलें आईं लेकिन शोएब अपने लक्ष्‍य को हासिल करने में जुटे रहे। शोएब 8वीं कक्षा में तब उनके पिता का चाय का बिजनेस था उसमें काफी नुकसान हुआ। जिस वजह से उनके पिता को अचानक अपना बिजनेस बदलना पड़ा और वह नए सिरे से अपने व्‍यापार को जमाने में जुट गए। समझदार होने के बाद से डाक्‍टर बनने का सपना देखने वाले पिता की माली हालत कमजोर देखकर ये समझ चुके थे कि उनके पिता के लिए मेडिकल कोचिंग के लिए फीस जुटा पाना आसान नहीं होगा। लेकिन पिता का नया बिजनेस जम गया जिसकी बदौलत वो कोटा में मेडिकल की तैयारी करने जा सके।

मेरा लक्ष्य शांत रहने का और समय का सदुपयोग करना था

मेरा लक्ष्य शांत रहने का और समय का सदुपयोग करना था

शोएब ने कहा कि मेरे परिवार में कोई डॉक्टर नहीं है, मुझे उम्मीद थी कि टॉप 100 या टॉप 50 में मेरा नाम होगा लेकिन टॉप करूंगा ये सोचाा नहीं था । यह परीक्षा स्थगित हो रही थी, इस वजह से दबाव भी काफी था। मेरा लक्ष्य शांत रहने का और समय का सदुपयोग करना था। सोएब अपनी इस कामयाबी में अपनी मां का बड़ा योगदान मानते हैं। उन्‍होंने बताया कि ओडिशा से उनकी मां और उनकी बहन उनके साथ कोटा आए ताकि मैं अपनी पढ़ाई पर ध्‍यान केन्द्रित कर सकूं। उन्‍होंने बताया कि जब वो कक्षा 11 में था तब मेरे लिहाज से मेरे अच्‍छे अंक नहीं आए, तब मैं समझ गया था कि मुझे अपना लक्ष्‍य हासिल करने के लिए और घंटे पढ़ाई करनी होगी जिसके बाद मैं कोटा में स्थित एलन कोचिंग के छात्रवृति प्रोग्राम की तैयारी करने में जुछ गया और सुधार किया और वह छात्रवृत्ति हासिल की।

नीट के स्तर का था कोचिंग का छात्रवृत्ति प्रोग्राम

नीट के स्तर का था कोचिंग का छात्रवृत्ति प्रोग्राम

शोएब ने बताया कि जिस कोचिंग से उन्‍होंने तैयारी की कोटा की उस मशहूर कोचिंग ऐलन का छात्रवृत्ति कार्यक्रम - टैलेंटेक्स नीट के लेवल का था। मैंने ध्यान केंद्रित किया और उसके लिए जी तोड़ मेहनत की। कोचिंग में एडमीशन परीक्षा पास करने के बाद मैंने अपने मेडिकल परीक्षा पर ध्‍यान केन्द्रित किया। उन्‍होंने कहा कि स्कूल और सेल्‍फ स्‍टडी के प्रबंधन के लिए कुछ काम करने की आवश्यकता होती है। शोएब स्कूल से सीधे अपनी कोचिंग क्लासेस जाते थे और उसका दिन आमतौर पर सुबह 6 बजे शुरू होता था जो शाम 7 बजे खत्म होता था। इसके बाद वो 3 से 4 घंटे सेल्‍फ स्‍टडी पर ध्‍यान केन्द्रित करते थे।

सेल्फ स्टडी की टाइमिंग को बढ़ाया

सेल्फ स्टडी की टाइमिंग को बढ़ाया

शोएब ने बताया कि मैं सेल्‍फ स्‍टडी को 3 घंटे देने को लेकर संतुष्‍ट नहीं था तो मैंने फैसला किया कि पूरा संडे मैं अपनी सेल्‍फस्‍टडी को समर्पित करूंगा और संडे को 12 से 13 घंटे पढ़ाई करता और 12वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा के लिए जनवरी महीने से तैयारी शुरु की। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में 100 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले शोएब ने अपनी सीबीएसई कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं में 96 प्रतिशत अंक प्राप्‍त किए। अपने भविष्य की ओर देखते हुए, शोएब ने साझा किया कि वह बहुत खुश है और दिल्‍ली एम्‍स में मेडिकल की पढ़ाई करना उनका सपना था। अपने बेटे का सपना सच होने पर शोएब की मां पिता और पूरे परिवारजन खुशी से झूम उठे।

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