कैबिनेट फेरबदल से शिवसेना नाराज, कहा- NDA की हुई मौत
रविवार को हुए मोदी कैबिनेट के तीसरे फेरबदल में 9 नए मंत्रियों को जगह मिली, वहीं 4 मंत्रियों को प्रमोट किया गया। लेकिन इस कैबिनेट फेरबदल में एनडीए की सहयोगी पार्टी शिवसेना के किसी भी नेता को कैबिनेट में जगह नहीं दी गई। इसको लेकर शिवसेना नाराज बताई जा रही है। शिवसेना नेता और राज्य सभा सांसद संजय राउत ने कैबिनेट फैरबदल पर कहा है कि ये एनडीए का नहीं बल्कि भाजपा का फेरबदल है। राउत ने कहा कि इससे पहले भी मोदी कैबिनेट में दूसरा फेरबल हुआ था वो भी भाजपा का फेरबदल था।

कैबिनेट फेरबदल पर बोलते हुए राउत ने आगे कहा, 'एनडीए का अस्तित्व केवल कागजों पर है। जब भी बीजेपी को राष्ट्रपति चुनाव जैसी स्थिति या संसद में किसी प्रकार के समर्थन की जरूरत होती है तो ही उन्हें हमारी याद आती है।'
बात दें मोदी कैबिनेट में शिवसेना के एकमात्र सदस्य अनंत गीते हैं, जिन पर उद्योग मंत्रालय का जिम्मा है। भाजपा के साथ कई सालों तक साथ रहने वाली शिवसेना टकराव की स्थिति में दिख रही है। हाल ही के कई मु्द्दों पर शिवसेना-भाजपा की आलोचना कर चुकी है। शिवसेना के मुखपत्र में भी मोदी सरकार पर हमला बोला गया है। सामना के संपादकीय में लिखा है कि लोगों को अभी भी अच्छे दिनों का इंतजार है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए राउत ने कहा, 'हम सत्ता या मंत्री पद के भूखे नहीं हैं। फेरबदल राजनीतिक कारणों से आंकड़ों का खेल होता है और हम सही समय पर उचित रुख अपनाएंगे।'
कैबिनेट फेरबदल से संजय राउत काफी नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि एनडीए 'मृतप्राय' है। भाजपा को अपने सहयोगी दलों की याद तब आती है जब उसे समर्थन की जरुरत होती है। इससे पहले शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने शनिवार को कैबिनट फेरबदल से पहले कहा था कि रविवार को होने वाले फेरबदल में पार्टी के सदस्यों को शामिल करने को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है।












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