मयंक दीक्षित की कलम से: CM शीला दीक्षित की बात पर हंगामा क्यों...
नई दिल्ली। दिल्ली की सियासत में सरगर्मियां एक बार फिर से तेज हो गईं हैं। पूर्व सीएम शीला दीक्षित के दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर भाजपा की सराहना करना अब उन पर भारी पड़ता दिख रहा है। शीला दीक्षित के बयान ने कांग्रेस के भीतर खलबली मचा दी है।

कांग्रेस ने शीला के इस बयान से न केवल खुद को अलग किया है वहीं कई नेताओं ने शीला के खिलाफ आवाज भी बुलंद कर दी है। पूर्व विधायक भीष्म शर्मा ने तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर शीला दीक्षित को पार्टी से निष्कासित करने की मांग तक कर दी है।
वरिष्ठ नेता अजय माकन ने ट्वीट कर कहा है कि यह शीला दीक्षित की निजी राय है जबकि बीजेपी ने इसका स्वागत किया है। केरल के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे चुकीं शीला दीक्षित ने संकेत दिए थे कि वह एक बार फिर राजनीति में सक्रिय होंगी।
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दिल्ली में बीजेपी द्वारा सरकार बनाने की संभावनाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'सरकार होना लोकतंत्र के लिए जरूरी है। बेहतर होगा अगर दिल्ली में सरकार बने। अगर बीजेपी के पास सरकार बनाने के लिए जरूरी नंबर हैं, तो उसे अब सरकार बना ही लेनी चाहिए।
गौरतलब है कि शीला के इस बयान से कांग्रेस ने किनारा कर लिया है। कांग्रेस नेता मुकेश शर्मा ने भी कहा है कि उन जैसी कद्दावर नेता के मुंह से निकले इस बयान से उन्हें धक्का लगा है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि बीजेपी दिल्ली में सरकार बनाने के लिए तैयार है। इसके तुरंत बाद शीला का बयान चर्चा में है कि उन्होंने विपक्षी दल को इस तरह प्रोजेक्ट क्यों किया।












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