शैली सिंह: भारतीय एथलीटों की दुनिया का चमकता सितारा
लंबी कूद की खिलाड़ी शैली सिंह भविष्य के लिए उम्मीद जगाती हैं. अंडर-18 श्रेणी में वो दुनिया की शीर्ष 20 खिलाड़ियों में रह चुकी हैं. उत्तर प्रदेश की 17 साल की शैली लंबी कूद की जानीमानी खिलाड़ी अंजू बॉबी जॉर्ज और उनके कोच पति रॉबर्ट बॉबी जॉर्ज से ट्रेनिंग ले रही हैं.
शैली सिंह के नाम पर जूनियर नेशनल रिकॉर्ड है और वो छह मीटर कूद की श्रेणी में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं. अक्सर उनकी तुलना उनकी मेंटर अंजू के साथ की जाती है. वो पहली ऐसी भारतीय एथलीट हैं जिन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीता है.
जब वो महज 14 साल की थी तब उन्होंने लंबी कूद में नेशनल जूनियर रिकॉर्ड को तोड़ डाला था. रांची में हुए इस नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 5.94 मीटर की छलांग लगाकर रिकॉर्ड बनाया था.
इसके एक साल के बाद उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ते हुए अंडर-18 की श्रेणी में नया रिकॉर्ड बनाया. आंध्र प्रदेश के गुंटूर में 2019 में आयोजित नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 6.15 मीटर की छलांग लगाकर यह रिकॉर्ड बनाया.
भारतीय खेल मंत्री किरण रिजिजू ने अंडर-16 और अंडर-18 की श्रेणी में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उनकी तारीफ की थी. उनकी छलांग 2020 में आईएएएफ़ अंडर-20 चैंपियनशिप में भागीदारी के लिए क्वालीफाइंग सीमा से बेहतर थी.
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कठिन फ़ैसला
शैली सिंह की परवरिश उनकी मां विनीता सिंह ने अकेले ही की है. उनका जन्म 7 जनवरी 2004 में उत्तर प्रदेश के झांसी में हुआ था.
उनकी मां विनीता कपड़े सिलने का काम करती हैं. उन्हें उस वक्त बहुत ताज्जुब हुआ था जब उनकी बेटी शैली ने उनसे एक एथलीट के तौर पर करियर बनाने की इच्छा जाहिर की थी.
वो जिस इलाक़े में रहती थीं, वो ट्रेनिंग और कोचिंग के लिहाज से एक बेहद पिछड़ा हुआ इलाक़ा था. ऐसे में उन्होंने एथलीट बनने का विकल्प चुनकर एक कठिन फ़ैसला लिया था.
हालांकि उनकी मां ने शैली के जुनून और काबिलियत को देखते हुए अपनी बेटी का साथ देने का फैसला किया.
शुक्र है कि इस उभरते हुए एथलीट पर शुरुआत में ही रॉबर्ट बॉबी जॉर्ज की नज़र पड़ गई और इस जोड़े ने शैली को अपने प्रशिक्षण के अंदर लेने का फैसला कर लिया.
इसके बाद वो आख़िरकार अंजू बॉबी स्पोर्ट्स फाउंडेशन में ट्रेनिंग लेने बेंगलुरू पहुँची. उस वक्त वो महज 14 साल की थीं.
भारतीय एथलीट की उभरता सितारा
शैली सिंह अंडर-18 श्रेणी में शीर्ष 20 खिलाड़ियों में रह चुकी हैं. वो भारतीय एथलेटिक्स की नई सितारा हो सकती हैं. ट्रैक पर वो अंजू बॉबी जॉर्ज की याद दिलाती हैं.
अंजू के पति रॉबर्ट बॉबी जॉर्ज ने एक बार कहा था कि शैली सिंह जल्दी ही भारत में होने वाले आयोजनों में ट्रैक पर छाने वाली हैं. वो यह भी कहते हैं कि शैली 2024 में होने वाले ओलंपिक में मेडल जीतने की एक मजबूत दावेदार होंगी.
शैली सिंह को अभिनव बिंद्रा स्पोर्ट्स सेंटर से भी मदद हासिल हुई है. हालांकि रॉबर्ट जॉर्ज का कहना है कि शैली सिंह जैसी विलक्षण प्रतिभा को निखारने के लिए और काम करने की जरूरत है.
हर कामयाबी के बाद शैली झांसी में अपनी मां को फोन करती हैं. शैली उम्मीद करती हैं कि वो अपनी मां के सामने झांसी और लखनऊ में किसी दिन किसी प्रतिस्पर्धा में कामयाब होंगी.
शैली सिंह कड़ी मेहनत जारी रखते हुए अपने प्रदर्शन को बेहतर करना चाहती हैं. वो चाहती हैं कि किसी दिन उनकी मां उन पर फख़्र करें.
(यह लेख बीबीसी को ईमेल के ज़रिए शैली सिंह के भेजे जवाबों पर आधारित है.)












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