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    शाहकोट सीट छीनने को कांग्रेस बेताब तो साख बचाने की कोशिश में अकाली

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    शाहकोट। 28 मई को होने जा रहे शाहकोट उप चुनाव में मुकाबला अब प्रमुख तौर पर सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी व विपक्षी दल शिरोमणी अकाली दल के बीच सिमटता जा रहा है। हालांकि आम आदमी पार्टी व निर्दलीय उम्मीदवार भी यहां चुनाव मैदान में हैं, लेकिन प्रचार में कांग्रेस व अकाली दल ही अभी सक्रिय हो पाए हैं। अकाली दल को भाजपा की भी समर्थन यहां मिल रहा है। शाहकोट में अकाली दल अपनी परंपरागत सीट को किसी भी तरह हाथ से निकलने नहीं देना चाहता। यही वजह है कि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल खुद यहां डेरा डाले हैं। शुक्रवार को अकाली दल ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को झटका देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व गृह मंत्री ब्रिज भूपिंदर सिंह लाली ( कंग) को अकाली दल में शामिल करा लिया। पूर्व मंत्री को अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने अकाली दल में शामिल करवाया। इस मौके उनके साथ हंसराज हंस , बिक्रमजीत सिंह मजीठिया तथा परमिंदर सिंह ढींडसा आदि मौजूद रहे। कांग्रेस पार्टी पहले ही अपने उम्मीदवार हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया पर लगे अवैध खनन के आरोपों के चलते बैकफुट पर है। व कांग्रेस प्रत्याशी के प्रचार का सारा दारोमदार अवैध खनन में विवादों में आये पूर्व मंत्री राणा गुरजीत सिंह पर है।

    shahkot political parties are doing their best to win shahkot by election

    कांग्रेस की कोशिश है कि इस बार अकाली दल से इस सीट को छीना जाएगा। कांग्रेसी नेता अपने प्रचार के दौरान शाहकोट के पिछड़ेपन के लिए अकाली दल को जिम्मेदार बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस उम्मीदवार लाडी शेरोवालिया के लिए प्रचार कर रहे उनके गुरू पूर्व मंत्री राणा गुरजीत ङ्क्षसह हर मंच से जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं कि अगर कांग्रेस यह सीट जीतेगी तो सरकार विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लेगी। ऐसा होने पर सरकार अपने स्तर पर बड़े फैसले ले सकेगी। नए कानून बना सकेगी। ऐसे में शाहकोट के लिए सबसे ज्यादा फायदा होगा। यहां पर विकास के साथ-साथ बड़े प्रोजेक्ट भी आएंगे। बता दें कि विधानसभा में कांग्रेस के 77 विधायक हैं और अगर पार्टी शाहकोट उपचुनाव जीतती है तो यह संख्या 78 हो जाएगी और कांग्रेस सरकार दो-तिहाई बहुमत में आ जाएगी।

    वहीं, अकाली दल के नेता लोगों को सावधान कर रहे हैं। अकाली नेता प्रचार कर रहे हैं कि पूरे पंजाब को पता है कि राणा गुरजीत ङ्क्षसह को मंत्री की कुर्सी से क्यों हटाया गया था। उनके शिष्य लाडी शेरोवालिया का माइङ्क्षनग माफिया के साथ वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें डील और सेङ्क्षटग की बातचीत का जिक्र था। अगर लाडी विधायक बने तो हलके पर माफिया का राज हो जाएगा। 10 मई को जिस दिन लाडी शेरोवालिया ने नामांकन दाखिल किया था, मुख्यमंत्री अमङ्क्षरदर ङ्क्षसह ने रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि शाहकोट के लोगों के पास इतिहास बनाने का मौका है। शेरोवालिया को जिता दो, कांग्रेस दो-तिहाई बहुमत में आ जाएगी, शाहकोट का कायाकल्प हो जाएगा। मुख्यमंत्री की इसी बात को गांठ बांधकर कांग्रेसी उम्मीदवार लाडी, राणा गुरजीत ङ्क्षसह और अन्य कांग्रेसी नेता हर चुनावी रैली में इस मुद्दे को उठा रहे हैं।

    कांग्रेस पर वार करते हुए अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर ङ्क्षसह बादल व अन्य अकाली नेता माइङ्क्षनग माफिया का मुददा उठाकर लगातार कांग्रेस उम्मीदार लाडी और उनके गुरु राणा गुरजीत ङ्क्षसह पर वार कर रहे हैं। अकाली नेता रैलियों में आरोप लगा रहे हैं कि लाडी माइङ्क्षनग माफिया ङ्क्षकग और उनके गुरु राणा प्रदेश में रेत पर कब्जा करने वाले हैं। कांग्रेसियों ने ही लाडी को टिकट देने का विरोध किया, इसके बावजूद कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रधान राहुल गांधी को मोटी रकम देकर लाडी को टिकट दिया।

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    English summary
    shahkot political parties are doing their best to win shahkot by-election
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