मेहुल चोकसी की संपत्तियों पर SEBI की सख्ती, शेयर व बैंक अकाउंट जब्त कर वसूल किए जाएंगे 2.1 करोड़ रुपए
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी और फरार हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने अंदरूनी कारोबार (Insider Trading) के नियमों के उल्लंघन के चलते 2.10 करोड़ रुपये की बकाया राशि वसूलने के लिए उसकी बैंक और डीमैट खातों को जब्त करने का आदेश जारी किया है।
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार SEBI ने बैंकों और म्यूचुअल फंड कंपनियों को भेजे पत्र में कहा है कि चोकसी के बैंक खातों, म्यूचुअल फंड निवेशों और शेयरों को तुरंत अटैच किया जाए ताकि वह इनसे पैसा न निकाल सके। इस बकाया राशि में 1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना, 60 लाख रुपये ब्याज (फरवरी 2022 से मई 2025 तक 1% प्रतिमाह), और 1,000 रुपये वसूली लागत शामिल हैं।

15 दिन में चुकाओ वरना होगी कुर्की
SEBI ने 15 मई 2025 को मेहुल चोकसी को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर राशि चुकाने का निर्देश दिया था। लेकिन तय समयसीमा में कोई भुगतान नहीं हुआ, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। पत्र में कहा गया है कि "डिफॉल्टर के पास मौजूद बैंक खातों में रखी रकम या उससे होने वाली आय को वह गायब कर सकता है, जिससे वसूली में बाधा आ सकती है।"
बैंकों को निर्देश: खाता विवरण और लॉकर की जानकारी दें
SEBI ने बैंकों को निर्देश दिया है कि चोकसी के खातों से कोई निकासी न होने दें और उसके सभी खातों और लॉकरों की जानकारी तत्काल मुहैया कराएं। साथ ही, पिछले एक साल की बैंक स्टेटमेंट भी सौंपी जाए। इसी तरह, म्यूचुअल फंड और डिपॉजिटरी कंपनियों से उसके फोलियो, निवेश, और डीमैट खातों की जानकारी मांगी गई है।
भगोड़े को बेल्जियम में भी नहीं मिली राहत
गौरतलब है कि मेहुल चोकसी जनवरी 2018 में भारत से फरार होकर एंटीगुआ और बारबुडा चला गया था। इस घोटाले में उसके भांजे नीरव मोदी का नाम भी प्रमुख है। दोनों पर PNB को 14,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप है।
इस साल अप्रैल में चोकसी को बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया, जहां से भारत ने उसके प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध किया था। बेल्जियम की अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिससे उसके भारत प्रत्यर्पण की राह आसान हो सकती है।












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