S Jaishankar Love Story: 'ले गई दिल गुड़िया जापान की', भारत के विदेश मंत्री को हुआ दो बार इश्क
S Jaishankar Love Story: भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। 1979 बैच के IFS अफसर 2009-2013 में भारत के चीन और अमेरिका में राजदूत रहे। कड़ी मेहनत और अपनी तेज-तर्रार शख्सियत के चलते कामयाबी हासिल करते गए।
विदेश सचिव से विदेश मंत्री तक का सफर तय किया। उन्होंने देश की सेवा की है और हमारे विदेशी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम किया है। इस बीच, उनकी पहली पत्नी का साथ छूट गया, वक्त के साथ जख्म भरा और दूसरी बार दिल इश्क कर बैठा और जापानी गुड़िया दिल ले उड़ी। आज हम आपको भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की लव लाइफ से रूबरू करा रहे हैं...

9 जनवरी 1955 को दिल्ली में जन्मे एस जयशंकर का पूरा नाम सुब्रह्मण्यम जयशंकर है। अब इसे किस्मत का लिखा कहे या फिर अजब संयोग, कि एस जयशंकर और उनकी पत्नी क्योको दोनों का जन्मदिन एक ही तारीख यानी कि 9 जनवरी है।
एस जयशंकर को जीवन में दो बार मोहब्बत हुई (S Jaishankar)
मालूम हो कि एस जयशंकर को जीवन में दो बार मोहब्बत हुई। पहले उन्होंने शोभा नाम की महिला से शादी की थी, जिनसे उनकी मुलाकात जेएनयू में पढ़ाई के दौरान हुई थी लेकिन शोभा का कैंसर की वजह से निधन हो गया। शोभा के जाने के बाद एस जयशंकर बुरी तरह से टूट गए थे लेकिन किस्मत ने उन्हें दूसरा मौका दिया।
दूतावास में जापानी महिला क्योको से हुई मुलाकात ((S Jaishankar)
जापान में भारतीय दूतावास में काम करने के दौरान उनकी मुलाकात जापानी महिला क्योको से हुई, जिनसे उनको दोबारा मोहब्बत हुई। जयशंकर और क्योको की प्रेम कहानी खास इसलिए है क्योंकि इसमें दो अलग-अलग संस्कृतियों का अनोखा संगम है।
क्योको जापानी संस्कृति में पली-बढ़ी महिला हैं (S Jaishankar)
जयशंकर जहां एक परंपरागत भारतीय परिवार से आते हैं, वहीं क्योको जापानी संस्कृति में पली-बढ़ी थीं। उनके प्रेम में भाषाई और सांस्कृतिक बाधाएं थीं, लेकिन उनका एक-दूसरे के प्रति स्नेह और समझ ने उन्हें एक साथ शादी के बंधन में बांध दिया।
दोनों के परिवारों ने स्वीकार किया दोनों का प्यार (S Jaishankar)
जयशंकर और क्योको की शादी का निर्णय दोनों के परिवारों ने स्वीकार किया। यह शादी एक तरह से अंतरराष्ट्रीय संबंधों और सांस्कृतिक एकीकरण का प्रतीक बन गई। उनके तीन बच्चे हैं (दो बेटे ध्रुव और अर्जुन और एक बेटी मेधा) ,जो कि रूसी, अंग्रेजी, तमिल, हिंदी बोलते हैं। उनके परिवार में भारतीय और जापानी दोनों संस्कृतियों का मिश्रण है।
सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्म श्री' से सम्मानित एस जयशंकर (S Jaishankar)
गौरतलब है कि एस. जयशंकर एक अच्छे लेखक भी हैं, जो 31 मई 2019 से भारत सरकार के तीसवें विदेश मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। वे 5 जुलाई 2019 से राज्यसभा में संसद सदस्य हैं। जनवरी 2015 से जनवरी 2018 तक विदेश सचिव के रूप में भी कार्य किया है, उन्हें 2019 में चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्म श्री' से सम्मानित किया जा चुका है।












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