SCO समिट में वेंकैया नायडू बोले- हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती है आतंकवाद
नई दिल्ली। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शासनाध्यक्षों की परिषद की ऑनलाइन बैठक को संबोधित को करते हुए उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बैठक में सीमा पार आतंकवाद के बारे में उल्लेख किया और मिलकर इस खतरे का मुकाबला करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, कहा कि क्षेत्र के सामने सबसे बड़ी चुनौती आतंकवाद है और इस खतरे के खात्मे से क्षेत्र को अपनी वास्तविक क्षमताओं को मूर्त रूप देने में मदद मिलेगी।

19वें एससीओ शिखर सम्मेलन को संबोधित उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने पाकिस्तान के एक स्पष्ट संदर्भ में कहा कि, हम विशेष रूप से उन देशों के बारे में चिंतित हैं जो एक 'राज्य नीति' के साधन के रूप में आतंकवाद का फायदा उठाते हैं। हमें मिलकर आतंकवाद की समस्या का मुकाबला करने की आवश्यकता है। भारत आतंकवाद के सभी स्वरूपों की निंदा करता है। इस समय हमारे सामने सबसे महत्वपूर्ण चुनौती आतंकवाद है ।
उन्होंने कहा कि भारत और एससीओ क्षेत्र के बीच संबंध हजारों वर्षों से निर्बाध रूप से विकसित हुए हैं। 2025 तक भारत की जीडीपी पांच ट्रिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। यह 29 वर्ष की औसत आयु वाला सबसे युवा देश होगा। पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए वेंकैया नायडू ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एससीओ में जानबूझकर द्विपक्षीय मुद्दों को लाने के प्रयास किये गए और उन्होंने इसे सिद्धांतों और मानदंड़ों का उल्लंघन बताया।
बता दें कि, सितंबर के मध्य में, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल एससीओ के सदस्य देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों की डिजिटल बैठक से उस वक्त बाहर निकल गए थे, जब पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने एक मानचित्र पेश किया, जिसमें कश्मीर को गलत तरीके से चित्रित किया गया था। पाकिस्तान की ओर से की गई इस हरकत का भारत ने विरोध किया था। कोविड के मुद्दे पर बोलते हुए वेंकैया नायडू ने कहा कि भारत ने बहादुरी से वैश्विक महामारी का मुकाबला किया है और वायरस से लड़ने के साथ-साथ आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने में उल्लेखनीय काम किया है। भारत ने अपनी कोरोना मृत्यु दर को दुनिया में सबसे निचले स्तर पर रखा है।












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