• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

कोरोना वायरस से दोबारा संक्रमित क्यों हो रहे हैं लोग? वैज्ञानिकों ने बताया

|

नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना वायरस (कोविड-19) का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। चीन से निकले इस वायरस ने अब पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है और इससे करोड़ों लोग प्रभावित हुए हैं। कोरोना वायरस से मौतों के मुकाबले इससे ठीक हुए मरीजों का आंकड़ा काफी ज्यादा है, जो कि राहत की बात है। लेकिन कई देशों में ऐसे मामले में सामने आ रहे हैं जहां कोरोना से ठीक हुए मरीज दोबारा इस जानलेवा महामारी से संक्रमित हो रहे हैं। लेकिन ऐसा क्यों हो रहा है?

141 लोगों में दोबारा कोरोना वायरस का संक्रमण

141 लोगों में दोबारा कोरोना वायरस का संक्रमण

ऐसी कई खबरें पहले भी सामने आ चुकी हैं जिसमें कोरोना वायरस से ठीक हो चुके मरीजों में दोबारा संक्रमण पाया गया है। ताजा मामला दक्षिण कोरिया से सामने आया है जहां 141 लोगों में दोबारा कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है। इन मामलों के बाद लोगों के मन में एक ही सवाल आ रहा है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? लोग दोबारा इस बीमारी की चपेट में क्यों आ रहे हैं?

दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों का खुलासा

दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों का खुलासा

इस सवाल का जवाब खुद दक्षिण कोरिया ने ही दिया है। वहां के वैज्ञानिक और डॉक्टरों ने यह पता लगाया है कि कोरोना वायरस से पूरी तरह ठीक हो चुके 141 लोगों में कोरोना वायरस का संक्रमण क्यों हुआ। कोरिया सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (केसीडीसी) में उन 141 लोगों का परीक्षण किया जा रहा है। वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में एक चौंका देने वाला खुलासा किया है।

प्रतिरोधक कोशिकाएं निष्क्रिय हो जाती हैं

प्रतिरोधक कोशिकाएं निष्क्रिय हो जाती हैं

दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस इंसानी शरीर में मौजूद इम्यून सेल्स (बीमारी से लड़ने की प्रतिरोधक कोशिका) टी-लिम्फोसाइट्स पर हमला कर के उसे निष्क्रिय कर रहा है। शरीर में इन सेल्स के काम ना करने से कोरोना वायरस का फिर से खतरा बन जाता है। रिसर्च में कहा गया है कि मनुष्य शरीर में प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाए तो उसे वापस ठीक होने में लंबा समय लग जाता है।

शरीर के अंदर ही सो जाता है कोरोना वायरस

शरीर के अंदर ही सो जाता है कोरोना वायरस

वैज्ञानिकों ने बताया कि किसी भी संक्रमित व्यक्ति में कोरोना वायरस शरीर से पूरी तरह खत्म नहीं होता। इलाज मिलने से वह कुछ समय के लिए शरीर के अंदर ही सो जाता है, या यूं कहें कि कुछ दिनों के लिए वह शरीर के अंदर अपनी हरकतों को बंद कर देता है। जैसे ही वायरस के दिखता है कि शरीर में प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है तो वह तुरंत जाग जाता है और हमला कर देता है। इस वजह से शरीर में संक्रमण फिर से नजर आने लगता है।

दुनियाभर में 1 लाख से ज्यादा लोगों की मौत

दुनियाभर में 1 लाख से ज्यादा लोगों की मौत

गौरतलब है कि दुनियाभर में इसके मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अभी तक दुनियाभर में वायरस के कारण 1 लाख 45 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। वहीं संक्रमित लोगों की संख्या 21 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है। भारत की बात करें तो यहां संक्रमित मामलों की संख्या बढ़कर 13,387 हो गई है। देशभर में वायरस से 437 लोगों की मौत हो गई है। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर कोरोना वायरस से निपटने की पूरी कोशिश कर रही हैं।

गुजरात: कोरोना के मामले 1 हजार पार हुए, 1 दिन में 92 नये पॉजिटिव केस, 5 जिले रेड जोन में

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Scientists told Why are people getting infected again with the coronavirus
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X