Saurabh Dwivedi: क्या सौरभ द्विवेदी को लल्लनटॉप से निकाला गया? यूजर बोले-'शो,एक्ट्रेस और एक वीडियो,यही है वजह'
Saurabh Dwivedi: देश की डिजिटल पत्रकारिता को नई पहचान देने वाले सौरभ द्विवेदी ने 5 जनवरी 2026 को इंडिया टुडे ग्रुप और द लल्लनटॉप से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया। करीब 12 साल तक इस मीडिया हाउस का चेहरा रहे सौरभ के जाने से मीडिया इंडस्ट्री में हलचल मच गई। जैसे ही यह खबर बाहर आई, सोशल मीडिया पर सवालों की बाढ़ आ गई। लोग पूछने लगे कि क्या यह सच में उनका खुद का फैसला था या उन्हें चुपचाप बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
इस्तीफे के बाद सौरभ ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि वह वसंत पंचमी के आसपास अपने भविष्य की योजनाओं पर बात करेंगे। लेकिन तब तक एक्स और इंस्टाग्राम पर यूजर्स अपनी-अपनी थ्योरी गढ़ने लगे। अब कुछ सोशल मीडिया यूजर का दावा है कि सौरभ द्विवेदी ने अपने मन से लल्लनटॉप नहीं छोड़ा है बल्कि उन्हें इंडिया टुडे ग्रुप ने निकाला है।

एक शो, एक एक्ट्रेस और एक वीडियो' की कहानी
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स का दावा है कि सौरभ द्विवेदी को लल्लनटॉप से हटाए जाने के पीछे तीन वजहें हैं। पहला 'डज गॉड एग्जिस्ट' नाम का एक शो, दूसरा मराठी एक्ट्रेस गिरिजा ओक के लगातार इंटरव्यू और तीसरा इंदौर दूषित पानी कांड की रिपोर्टिंग से जुड़ा एक वीडियो। हालांकि ये सोशल मीडिया पर यूजर दावा कर रहे हैं वनइंडिया हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है।
एक्स यूजर @anujpareeek ने लिखा, ''डज गॉड एग्जिस्ट' शो की वजह से सौरभ द्विवेदी को लल्लनटॉप से निकाला गया? वैसे खबर तो ये भी है कि गिरिजा ओक (मराठी एक्ट्रेस) के बेवजह बार बार हुए इंटरव्यू भी तीन कारणों में से एक है। असली वजह क्या है, जिसे पता है बताने का कष्ट करें।''
वहीं एक अन्य एक्स यूजर @AbhinayWithYou ने लिखा, ''रिपोर्ट्स आ रही हैं कि इंदौर दूषित पानी कांड की रिपोर्टिंग के कारण सौरभ द्विवेदी को लल्लनटॉप से निकाला गया है। इंडिया टुडे ग्रुप ने ने उस व्यक्ति के साथ गलत किया है जिसकी पहचान से ही Lallantop बना। सौरभ दूसरा लल्लनटॉप बना सकते हैं लेकिन लल्लनटॉप को दूसरा सौरभ द्विवेदी नहीं मिलेगा।''
वहीं एक यूजर @sachinsgaur ने लिखा, ''सौरभ द्विवेदी ने अपने एक्स bio से lallantop का नाम बिल्कुल हटा दिया है, एक्स एडिटर या पूर्व lallantop भी नहीं लिखा है... ब्लकि student of journalism लिखा है ... साफ है exit कराया गया है।''
एक अन्य यूजर ने भी लिखा, ''मेरा कहना यही है कि सौरभ को निकाला गया है आदेश देकर वो खुद से निकले नहीं हैं।'' वहीं एक अन्य यूजर का दावा है कि ''सौरभ द्विवेदी को निकाला गया है या खुद से उन्होंने इस्तीफा दिया है इसका किसी के पास पुख्ता जवाब नहीं है। यह सिर्फ सौरभ द्विवेदी और इंडिया टुडे ग्रुप के लोग जान सकते हैं।''
हालांकि इन सब बातों पर सौरभ या इंडिया टुडे ग्रुप की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इसलिए अभी तक यह सब सिर्फ सोशल मीडिया की अटकलें ही मानी जा रही हैं।
सौरभ द्विवेदी के एक्स प्रोफाइल ने और हवा दी अफवाहों को
कई यूजर्स ने यह भी नोट किया कि सौरभ द्विवेदी ने अपनी एक्स प्रोफाइल से 'लल्लनटॉप एडिटर' जैसी पहचान हटा दी है और खुद को सिर्फ 'स्टूडेंट ऑफ जर्नलिज्म' लिखा है। इसी से लोगों को लगा कि शायद उन्हें मजबूरी में जाना पड़ा।
कुछ यूजर्स खुले तौर पर लिख रहे हैं कि सौरभ ने इस्तीफा नहीं दिया बल्कि उन्हें हटाया गया है। दूसरी तरफ कुछ लोग यह भी मानते हैं कि असली सच सिर्फ सौरभ और इंडिया टुडे ग्रुप ही जानते हैं। बाहर की दुनिया के पास सिर्फ अंदाजे हैं।
लल्लनटॉप के बाद अब क्या करेंगे सौरभ द्विवेदी?
इस बीच यह साफ हो चुका है कि सौरभ द्विवेदी अब सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं रहना चाहते। इस्तीफे के अगले ही दिन यानी 6 जनवरी को उनकी आने वाली वेब सीरीज 'Space Gen - Chandrayaan' का टीजर रिलीज हो गया। यह सीरीज जियो हॉटस्टार पर 23 जनवरी 2026 को आने वाली है और इसमें सौरभ एक न्यूज एंकर की भूमिका निभाते नजर आएंगे।
यह सीरीज चंद्रयान-2 मिशन की कहानी कहती है, जिसमें वैज्ञानिकों के संघर्ष और भावनात्मक सफर को दिखाया गया है। नकुल मेहता, श्रिया सरन, प्रकाश बेलावाड़ी और दानिश सैत जैसे कलाकारों के बीच सौरभ की मौजूदगी दर्शकों के लिए एक अलग अनुभव लेकर आने वाली है।
लल्लनटॉप के अपने आखिरी भाषण में सौरभ ने साफ कहा था कि वह किसी न किसी रूप में पत्रकारिता से जुड़े रहेंगे, चाहे वह लेखन हो, सिनेमा हो या टीवी।
कौन हैं सौरभ द्विवेदी? (who is Saurabh Dwivedi)
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के चमारिया गांव में जन्मे सौरभ द्विवेदी ने हिंदी पत्रकारिता को डिजिटल दौर में नई धार दी। जर्नलिज्म की पढ़ाई से लेकर जेएनयू और आईआईएमसी तक का सफर तय करने वाले सौरभ ने नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर में काम करने के बाद 2013 में इंडिया टुडे ग्रुप जॉइन किया। 2016 में उन्होंने द लल्लनटॉप की नींव रखी, जो देखते ही देखते हिंदी डिजिटल मीडिया का बड़ा नाम बन गया।
लंबे इंटरव्यू, तीखी बहसें और जमीन से जुड़ी रिपोर्टिंग सौरभ की पहचान रही है। योगी आदित्यनाथ से लेकर अखिलेश यादव तक कई बड़े नेताओं के इंटरव्यू उन्होंने लल्लनटॉप के जरिए किए।
डिस्क्लेमर: ये खबर सोशल मीडिया यूजर के दावों के आधार पर लिखी गई है। वनइंडिया हिंदी इन दावों की पुष्टि नहीं करता है।












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