महाराष्ट्र में बड़ा उलटफेर: शरद पवार से मिले संजय राउत, मुलाकात से पहले किया ये ट्वीट
संजय राउत के ट्वीट को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि प्रदेश की राजनीति में जल्द ही कोई नया समीकरण देखने को मिल सकता है।
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच लगातार गतिरोध बना हुआ है। मुख्यमंत्री पद को लेकर जहां शिवसेना पीछे हटने को तैयार नहीं है, वहीं भाजपा भी अपने रुख पर कायम है। भाजपा-शिवसेना के बीच चल रही इस तकरार में एनसीपी पर भी सियासी निगाहें टिकी हुई हैं और शिवसेना के नेता संजय राउत एनसीपी प्रमुख आज शरद पवार से मुलाकात करने पहुंचे हैं। महाराष्ट्र के सियासी हालातों को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि प्रदेश की राजनीति में जल्द ही कोई नया समीकरण देखने को मिल सकता है। इस बीच संजय राउत ने एक ट्वीट करते हुए नए संकेत भी दे दिए हैं।
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'जो लोग कुछ भी नहीं करते हैं, वो कमाल करते हैं'
शिवसेना सांसद संजय राउत ने बुधवार को ट्वीट करते हुए कहा, 'जो लोग कुछ भी नहीं करते हैं, वो कमाल करते हैं...।' संजय राउत के इस ट्वीट को भाजपा के साथ चल रही शिवसेना की तकरार से जोड़कर देखा जा रहा है। इस ट्वीट के बाद संजय राउत ने शरद पवार से मुलाकात की। वहीं, मीडिया से बात करते हुए बुधवार को संजय राउत ने कहा, 'हम केवल उस प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे, जिसपर हमने विधानसभा चुनाव से पहले सहमति व्यक्त की थी। अब किसी भी नए प्रस्ताव की अदला-बदली नहीं की जाएगी। भाजपा और शिवसेना ने चुनावों से पहले सीएम के पद को लेकर एक समझौता किया था और उसके बाद ही हम चुनाव में गठबंधन के लिए आगे बढ़े।'
'हमारे पास 170 विधायकों का समर्थन'
आपको बता दें कि शिवसेना की तरफ से संजय राउत ने ही भाजपा को जवाब देने के लिए कमान संभाली हुई है। दो दिन पहले ही संजय राउत ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनके पास 170 विधायकों का समर्थन है और यह संख्या 175 तक भी पहुंच सकती है। इससे पहले संजय राउत ने इशारों-इशारों में भाजपा पर निशाना साधते हुए ट्वीट भी किया था। संजय राउत ने ट्वीट कर कहा था, 'उसूलों पर जहां आंच आए, टकराना जरूरी है... जो जिन्दा हो, तो फिर जिंदा नजर आना ज़रूरी है... जय महाराष्ट्र...।'

'शिवसेना ने ठान लिया तो नंबर हासिल कर लेंगे'
हाल ही में संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा था, 'महाराष्ट्र में जिस तरह की स्थिति चल रही है, शिवसेना और भाजपा को छोड़कर सभी राजनीतिक दल एक-दूसरे से बात कर रहे हैं। सत्तारूढ़ पार्टी के एक मंत्री का कहना है कि अगर महाराष्ट्र में सरकार नहीं बनी तो राष्ट्रपति शासन लागू हो जाएगा। क्या यह उन विधायकों के लिए धमकी है, जो चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं? अगर शिवसेना ने ठान लिया तो राज्य में स्थिर सरकार बनाने के लिए वो जरूरी संख्या बल हासिल कर लेगी। महाराष्ट्र की जनता ने 50-50 फार्मूले के आधार पर सरकार बनाने का जनादेश दिया है और वो शिवसेना का ही मुख्यमंत्री चाहते हैं।'












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