17वीं लोकसभा का कौन है वो भाजपा सांसद जिसने अपना प्रोफेशन बताया भिखारी
नई दिल्ली- 17वीं लोकसभा में जो 542 सांसद चुनकर संसद पहुंचे हैं, उनमें सबने अपना अलग-अलग तरह का प्रोफेशन बताया है। कोई पेशे से किसान है तो कोई इंजीनियर, पोफेसर, लॉयर या टीचर। इसबार कुछ मजदूर, जज, फोटोग्राफर और सिंगर भी संसद पहुंचे हैं। लेकिन, एक सांसद ने अपने प्रोफशन में भिखारी (Beggar) होने की बात गर्व से बतायी है। ये सांसद कोई और नहीं भोपाल (Bhopal) से भाजपा के टिकट पर चुनी गईं साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (Sadhvi Pragya Thakur) हैं।

पेशे से भिखारी सांसद
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर (Sadhvi Pragya Thakur)ने अपने इलेक्शन एफिडेविट में खुद का पेशा भिखारी (Beggar)बताया है। ऐसा शायद इसलिए है कि साध्वी होने की वजह से उनका जीवन दूसरों से मिलने वाली भिक्षा पर ही निर्भर होता है। गौरतलब है कि इस चुनाव में देश में जो कुछ चुनिंदा उम्मीदवार सबसे ज्यादा चर्चा और विवादों में रहे हैं, उनमें से एक साध्वी प्रज्ञा ठाकुर भी हैं, जिन्होंने मध्य प्रदेश के भोपाल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) को 3 लाख 64 हजार 822 वोटों के बड़े अंतर से हराया है।

भिखारी होने के बावजूद लखपति हैं
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पेशे से भिखारी भले ही हों, लेकिन ऐसा नहीं है कि उनके पास कोई संपत्ति नहीं है। उनके पास कुल 4 लाख 44 हजार और 224 रुपये की संपत्ति है। उन्होंने जो अपने चुनावी हलफनामे में जानकारी दी है, उसके मुताबिक उनके पास 90 हजार रुपये कैश और भोपाल के दो बैंक में रकम जमा हैं। एक बैंक खाते में 88,824 रपये है, जबकि दूसरे में 11 हजार रुपये जमा हैं। उनका किसी कंपनी में कोई शेयर नहीं है। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के पास ना कोई गाड़ी है और न ही जमीन।

'राम' नाम की चांदी की प्लेट खास संपत्ति है
साध्वी के पास 'राम' नाम की चांदी की एक खास प्लेट है, जिसका जिक्र उन्होंने विशेष तौर पर अपने संपत्ति के ब्योरे में दिया है। इनके अलावा ज्वेलरी में उनके पास 48 हजार रुपये की सोने की एक चेन, 48 हजार रुपये का ही सोने का एक लॉकेट भी है। इसके अलावा 16 हजार रुपये कीमत वाली एक सोने की अंगूठी, 81 हजार रु का चांदी का कमंडल भी है। उनके पास सोने-चांदी की थाली भी है, चार चांदी के गिलास, एक चांदी का लोटा, पैर के दो चांदी के रिंग अलग से है। ये सारी चीजें कुल 4 लाख 44 हजार 224 रुपये की संपत्ति में शामिल है। हालांकि, उनकी कोई देनदारी (liabilities ) नहीं है।

भारी विवादों के बावजूद चुनाव जीती हैं
एमए (MA) पास 39 साल की साध्वी प्रज्ञा ठाकुर (Sadhvi Pragya Thakur)जबसे भोपाल (Bhopal) के चुनाव मैदान में बीजेपी (BJP) उम्मीदवार के तौर पर सामने आईं, विवादों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। पहले उन्होंने मुंबई एटीएस के पूर्व चीफ हेमंत करकरे की शहादत पर गलत टिप्पणी करके सियासी माहौल बिगाड़ दिया। बाद में उन्होंने इसके लिए माफी भी मांगी। फिर उन्होंने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहकर सियासी तूफान खड़ा कर दिया। इसके लिए भी उन्होंने बाद में माफी मांग ली थी।

मालेगांव धमाकों की आरोपी हैं
महाराष्ट्र के मालेगांव ब्लास्ट मामले में आरोपी प्रज्ञा ठाकुर का नाम आपराधिक रिकॉर्ड में दर्ज है। उनके खिलाफ आजाद नगर पुलिस स्टेशन मालेगांव, जिला नासिक में एफआईआर संख्या 130/2008 में कथित हत्या का प्रयास, आतंकवादी कृत्य के आरोप हैं। इसके लिए गैरकानूनी गतिविधि की धारा 18, धारा 120बी, 302, 307, 324, 326, 427, 153, आईपीसी की धारा 3, 4, 5 और 6 के अलावा एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट 1908 की धारा 120 बी के तहत मामले हैं। ये सभी मामले एनआईए मुंबई की अदालत में चल रहे हैं।












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