'दुनिया को अलविदा कहने का वक्त आ गया है...' एनकाउंटर स्पेशलिस्ट सचिन वझे ने क्यों लिखा ये इमोशनल मैसेज

'दुनिया को अलविदा कहने का वक्त आ गया है...' एनकाउंटर स्पेशलिस्ट सचिन वझे ने क्यों लिखा ये इमोशनल मैसेज

मुंबई: मुंबई असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट सचिन वझे इन दिनों उद्योगपति मुकेश अंबानी धमकी मामले से लेकर गवाह मनसुख हिरेन की हत्या केस को लेकर चर्चा में हैं। सचिन वझे की इन मामलों में मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मनसुख हिरेन की पत्नी विमला हिरेन और परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा सचिन वझे पर हत्या के आरोप लगाए गए हैं। विमला हिरेन की ओर से हत्या का आरोप लगाए जाने के बाद सचिन वझे एटीएस के सामने पूछताछ के लिए पहुंचे थे। उनसे 10 घंटे की पूछताछ की गई थी। मनसुख हिरेन की हत्या मामले में फंसने के बाद सचिन वझे ने वॉट्सऐप पर एक बेहद इमोशनल मेसेज लिखा है। सचिन वझे ने स्टेटस पर लिखा है, 'दुनिया को अलविदा कहने का वक्त आ गया है...'।

'...मुझे लगता है कि दुनिया को गुड बॉय कहने का वक्त आ गया है'

'...मुझे लगता है कि दुनिया को गुड बॉय कहने का वक्त आ गया है'

शनिवार सुबह (13 मार्च) को सचिन वझे ने अपने ऊपर लगे सारे आरोपों पर प्रतिक्रिया अपने वॉट्सऐप स्टेटस लगाकर दिया। इंडिया टूडे में छपी रिपोर्ट के मुताबिक सचिन वझे ने अपने वॉट्सऐप स्टेटस पर लिखा था, '' 3 मार्च 2004, सीआईडी के साथी अधिकारियों ने मुझे झूठे केस में गिरफ्तार किया, जिसका फैसला अभी तक नहीं आया है। इतिहास एक बार फिर से दोहराया जाएगा। मेरे साथी अधिकारी मुझे झूठा केस में गलत तरीके से फंसाने में लगे हैं। हालांकि इस बार पहले की अपेक्षा हालात अलग हैं। तब मेरे पास 17 साल की आशा थी, संयम, जिंदगी और नौकरी भी थी। लेकिन अब मेरे पास न तो 17 साल का जीवन होगा और न ही नौकरी और ना ही धीरज। मुझे लगता है कि दुनिया को गुड बॉय कहने का वक्त नजदीक आ गया है।''

ख्वाजा यूनुस मामले में फंसने के बाद मार्च 2004 में गिरफ्तार किए गए थे सचिन वझे

ख्वाजा यूनुस मामले में फंसने के बाद मार्च 2004 में गिरफ्तार किए गए थे सचिन वझे

ऐसा पहली बार नहीं है कि जब सचिन वझे विवादों में फंसे हैं। सचिन वझे अपने वॉट्सऐप स्टेटस में मार्च 2004 में जिस केस में गिरफ्तारी की बात कर रहे हैं वो ख्वाजा यूनुस मामले से जुड़ा हुआ है। ख्वाजा यूनुस को साल 2002 में घाटकोपर में हुए बम धमाके के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पहले ये बात सामने आई थी कि वो फरार हो गया था। लेकिन सीआईडी ने जांच में पाया कि ख्वाजा यूनुस की पिटाई करने से पुलिस हिरासत में मौत हुई है। इस मामले में चार पुलिसकर्मियों पर केस चला था, जिसमें से एक सचिन वझे थे।

सचिन वझे पर यूनुस की हत्या और सबूत मिटाने के आरोपों का केस चल रहा है। इस मामले में वो 2004 में जेल भी गए थे। इस केस में फंसने के बाद सचिन को 16 साल तक पुलिस फोर्स से बाहर कर दिया गया था। सचिन वझे साल 2004 में निलंबित किये गए थे। जिसके बाद जून 2020 सचिन वझे की पुलिस विभाग में वापसी हुई है और फिर से वो विवादों में हैं।

60 एनकाउंटर कर चुके हैं सचिन वझे

60 एनकाउंटर कर चुके हैं सचिन वझे

1990 बैच के पुलिस अधिकारी सचिन वझे को मुंबई पुलिस विभाग में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट कहा जाता है। कहहा जाता है कि सचिन वझे ने तकरीबन 60 एनकाउंटर किए हैं। पुलिस विभाग से 2004 में निलंबन के बाद सचिन वझे ने साल 2007 में महाराष्ट्र पुलिस विभाग से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि उनके खिलाफ चल रहे जांचों को लेकर उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया था। इसके बाद साल 2008 में सचिन शिवसेना में शामिल हो गए थे।

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