'जिंदगी में "खटा-खट" आसान काम नहीं', जिनेवा में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राहुल गांधी पर कसा तंज
Jaishankar said Geneva Visit: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जिनेवा में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता के बयानों को लेकर जमकर हमला बोला। विदेश मंत्री जयशंकर ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा जीवन में "खटा-खट" आसान काम नहीं है इसके लिए कड़ी मेहनत और परिश्रम की आवश्यकता होती है।
जिनेवा में जयशंकर ने कहा जिसने भी नौकरी की है और उस पर मेहनत की है, वह यह जानता है। इसलिए मेरा आपके लिए यही संदेश है कि हमें इस पर कड़ी मेहनत करनी होगी।"

राहुल गांधी ने "खटा-खट" का किया था वादा
याद रहे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव प्रचार के वादा करते हुए कहा था दौरान कांग्रेस के सत्ता में आने पर महिलाओं के खातों में तेजी से पैसे ट्रांसफर करने का वादा करते हुए बार-बार "खटा-खट" वाक्यांश का इस्तेमाल किया था।
राहुल गांधी द्वारा "खटा-खाट" शब्द का इस्तेमाल सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुआ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यूपीए शासन के दौरान कथित विकास संबंधी कमियों के लिए कांग्रेस की आलोचना करते हुए इस शब्द का इस्तेमाल करते हुए तंज कसा था।
बुनियादी ढांचे और मानव संसाधनों के निर्माण के लिए अथक प्रयास जरूरी
इसके अलावा जिनेवा में जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि बुनियादी ढांचे और मानव संसाधनों के निर्माण के लिए अथक प्रयास और परिश्रम की जरूरत होती है। उन्होंने कहा जब तक आप बुनियादी ढांचे और मानव संसाधन का निर्माण नहीं करते, नीतियों को लागू नहीं करते, तब तक यह कठिन काम है।
पहले विनिर्माण क्षमताओं को विकसित करना होगा
केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा 'क्या आप वास्तव में विनिर्माण के बिना दुनिया में एक प्रमुख शक्ति बन सकते हैं? क्योंकि एक प्रमुख शक्ति को प्रौद्योगिकी की आवश्यकता होती है। विनिर्माण को विकसित किए बिना कोई भी प्रौद्योगिकी विकसित नहीं कर सकता है।'
राहुल गांधी ने वैश्विक रोजगार पर जताई थी चिंता
बता दें हाल ही में राहुल गांधी ने टेक्सास विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान वैश्विक रोजगार चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वैश्विक विनिर्माण में चीन के प्रभुत्व ने उसे भारत और कई पश्चिमी देशों के सामने आने वाली बेरोजगारी की समस्याओं से बचाया है। गांधी ने कहा "पश्चिम में रोजगार की समस्या है, जैसा कि भारत में है। लेकिन चीन और वियतनाम जैसे कई देशों को ऐसी चुनौती का सामना नहीं करना पड़ता क्योंकि वे उत्पादन केंद्र हैं।
जिसका जवाब देते हुए जिनेवा में भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा 'जिसने भी नौकरी की है और उस पर मेहनत की वो ये जानता है कि हमें इस पर कड़ी मेहनत करनी होगी।"
जिनेवा में हुई चर्चा में जयशंकर और राहुल गांधी के बीच आर्थिक रणनीतियों पर विरोधाभासी विचार सामने आए। जयशंकर ने जहां भारत के विकास के लिए बुनियादी ढांचे और विनिर्माण को प्रमुख चालक बताया, वहीं गांधी ने चीन या वियतनाम जैसे उत्पादन केंद्र होने के लाभों की ओर इशारा किया।












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