• search

राष्ट्रपति पुतिन ने केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए जाहिर की संवेदना

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। केरल में जिस तरह से बाढ़ की वजह से बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई और हजारों लोग बेघर हो गए हैं उसके बाद दुनियाभर से लोग भारत में आई इस प्राकृतिक आपदा से दुखी है। रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केरल में आई आपदा पर दुख जाहिर किया है। राष्ट्रपति पुतिन ने पत्र लिखकर अपनी संवेदना जाहिर करते हुए लिखा है कि रूस भारत में केरल में आई आपदा में लोगों के दुख के साथ है।

    putin

    पुतिन ने पत्र में लिखा है कि हम आशा करते हैं कि वो तमाम लोग जो इस आपदा में घायल हो गए हैं जल्द स्वस्थ्य होंगे। आपको बता दें कि केरल में बाढ़ की वजह से 724649 लोग राहत शिविर में रहने के लिए मजबूर हैं, इन तमाम लोगों के लिए साढ़े पांच हजार शिविर बनाए गए हैं, जहां लोगों को मदद पहुंचायी जा रही है। मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने कहा है कि यह अबतक की सबसे बड़ी त्रासदी है, इसलिए हम हर तरह की मदद स्वीकार करेंगे।

    आपको बता दें कि बाढ़ और लगातार बारिश ने केरल में कोहराम मचा दिया था जिसके कारण अब तक 400 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 10 लाख से अधिक राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। केरल में तबाही को देखते हुए केंद्र और राज्यों की मदद के अलावा अन्य देश भी सहायता के लिए आगे आए हैं। संयुक्त अरब अमीरात ने भी केरल में त्रासदी को देखते हुए आर्थिक सहायता की पेशकश की है। केरल के सीएम विजयन ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात ने राज्य के बाढ़ पीड़ितों के लिए 700 करोड़ की आर्थिक मदद की पेशकश की है।

    इसे भी पढ़ें- Kerala Floods: UAE ने केरल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 700 करोड़ की आर्थिक मदद की पेशकश की

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Russia President Vladimir Putin writes to President and PM Modi, expresses condolences over lives lost in Kerala floods.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more