Tarek Fateh: RSS ने तारिक फतेह के निधन पर दी श्रद्धांजलि, कहा- वह हमेशा सिद्धांतों के लिए खड़े रहे
Tarek Fateh: आरएसएस ने तारिक फतेह के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। दत्तात्रेय होसबोले ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि तारिक फतेह को उनकी दृढ़संकल्प के लिए याद किया जाएगा।

RSS Tribute to Tarek Fateh: पाकिस्तान मूल के कनाडा के लेखक तारिक फतेह के निधन पर राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ ने दुख जाहिर किया है। संघ की ओर से तारिक फतेह के निधन पर शोक जाहिर करते हुए कहा गया कि उन्होंने मीडिया और साहित्य की दुनिया में महान योगदान दिया।
बता दें कि तारिक फतेह का सोमवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर की बीमारी से लड़ रहे थे। तारिक फतेह की बेटी नताशा फतेह ने ट्वीट करके अपने पिता के निधन की जानकारी दी। नताशा पेशे से पत्रकार हैं।
आरएसएस की ओर से दत्तात्रेय होसबोले ने तारिक फतेह की तस्वीर को शेयर करते उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। आरएसएस ने ट्वीट करके लिखा, सर तारिक फतेह जानेमाने विचारक, लेखक और कमेंटेटर थे। मीडिया और साहित्य के जगह में उन्होंने अहम योदगदान दिया है, जिसके लिए उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा।
आरएसएस ने ट्वीट में लिखा, तारिक फतेह जीवन भर अपने सिद्धांतों और विश्वासों को लेकर प्रतिबद्ध रहे और उन्होंने साहस और दृढ़ संकल्प के साथ अपना जीवन जिया, जिसके लिए वह हमेशा याद किए जाएंगे।
दत्तात्रेय ने लिखा मेरी संवेदना तारिक फतेह के परिवार ,दोस्त, चाहने वालों के साथ है, उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। मैं तारिक फतेह के निधन पर गहरी संवेदना जाहिर करता हूं, ईश्वर उन्हें सदगति प्रदान करे।
तारिक फतेह की बेटी ने कहा कि मेरे पिता हमेशा एक सामूहिक बलूचिस्तान, सामूहिक कुर्दिस्तान, मुक्त ईरान और खूबसूरत धरती की वकालत की और हमेशा इसके लिए खड़े रहे। नताशा ने ट्वीट करके लिखा, पंजाब के शेर, हिंदुस्तान के बेटे, कनाडा के प्रेमी, सच के वक्ता, न्याय के लिए लड़ने वाले थे।
बता दें कि तारिक फतेह का 73 वर्ष की आयु में कनाडा के टोरंटों में निधन हो गया। उन्होंने कई किताबें लिखी थीं, वह हमेशा से बलूचिस्तान के लोगों के अधिकारों के लिए लड़ते रहे। वह पाकिस्तान की ओर से जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के खिलाफ खुलकर बोलते रहते थे।












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