'द कश्मीर फाइल्स ने हमें हिला दिया', मोहन भागवत ने फिल्म देख, कश्मीरी पंडितों से की ये अपील
'द कश्मीर फाइल्स ने हमें हिला दिया', मोहन भागवत ने फिल्म देख, कश्मीरी पंडितों से की ये अपील
नई दिल्ली, 03 अप्रैल: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार (03 अप्रैल) को कहा कि कश्मीरी पंडितों को अगले साल अपने वतन लौटने और बसने का संकल्प लेना चाहिए ताकि वे भविष्य में कभी भी उखाड़े ना जा सके। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने विवेक अग्निहोत्री द्वारा निर्देशित फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' को देखने के बाद कश्मीरी पंडितों से ये अपील की है। 11 मार्च 2022 को रिलीज हुई फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' कश्मीरी पंडितों के पलायन पर आधिरत है। विवेक अग्निहोत्री द्वारा निर्देशित फिल्म जिसमें अनुपम खेर, मिथुन चक्रवर्ती, पल्लवी जोशी और दर्शन कुमार हैं, ने देश भर में राजनीतिक स्पेक्ट्रम का तेजी से ध्रुवीकरण किया है।

'द कश्मीर फाइल्स ने देश को हिला दिया है...'
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नवरेह समारोह के अंतिम दिन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कश्मीरी पंडित समुदाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा, ''फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' ने न केवल विस्थापित कश्मीरी पंडितों की दुर्दशा को प्रस्तुत किया है, बल्कि देश को भी हिला दिया है।'
मोहन भागवत ने कहा, ''कुछ लोग इसके (द कश्मीर फाइल्स) के समर्थन में हैं, कुछ इसे आधा सच कह रहे हैं... लेकिन इस देश के आम आदमी की राय है कि दुनिया के सामने विनाशकारी सच पेश कर इस फिल्म ने न केवल कश्मीरियों विस्थापितों का दर्द पेश किया है, लेकिन हमें भी हिला दिया।''
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कश्मीरी पंडित से मोहन भागवत ने की ये अपील
मोहन भागवत ने कहा, ''हम (कश्मीरी पंडित) पिछले 3 से 4 दशकों से अपने ही देश में अपने घर से विस्थापित होने का खामियाजा भुगत रहे हैं। यह जरूरी है कि हम इस स्थिति में हार स्वीकार न करें और चुनौतियों का सामना करें।''

'अब ऐसे बसना जैसे कोई उखाड़ ना फेंक सके...'
मोहन भागवत ने कहा, ''2011 में हमने वापस लौटने के लिए इसी तरह का समर्पण किया था, लेकिन वह समय नहीं था। अब समय आ गया है कि हम अपनी शर्तों के साथ वापस आएं और वहां बस जाएं। आपको वहां बसने की जरूरत नहीं है, बल्कि इस तरह से बसना है कि आप फिर से उखाड़ए न जाएं।''

'कश्मीरी पंडितों को मजबूर किया तो परिणाम भुगतना होगा'
मोहन भागवत ने यह भी कहा कि कोई भी कश्मीरी पंडितों को जाने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है, और कोई भी ऐसा करने की कोशिश करता है, तो उसे परिणाम भुगतना होगा।

RSS ने किया था कार्यक्रम का आयोजन
तीन दिवसीय समारोह का आयोजन आरएसएस समर्थित संजीवनी शारदा केंद्र (एसएसके) द्वारा किया गया था। जम्मू स्थित एसएसके के पदाधिकारियों ने पहले कहा था कि दुनिया भर में पूरा कश्मीरी हिंदू समुदाय 1 अप्रैल को नव वर्ष पर अपनी जड़ों कश्मीर घाटी की ओर लौटने की शपथ लेगा।
1-3 अप्रैल से जम्मू में संजीवनी शारदा केंद्र (एसएसके) ने 'त्याग और शौर्य दिवस' मनाने के लिए तीन दिवसीय कार्यक्रम की मेजबानी की और कश्मीरी समाज को नवरेह के शुभ त्योहार पर अपनी मातृभूमि में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया।












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