नीतीश कुमार के लीक लेटर पर भड़का RSS, पूछा तीखा सवाल

नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री का एक पत्र सामने आया है, जिसमे उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह आरएसएस के तमाम पदाधिकारियों और संघ के 18 सहयोगी संगठनों के बारे में जानकारी हासिल करे। इस पत्र के सामने आने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बिहार की आरएसएस यूनिट ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने उठाया है। साथ ही गृहमंत्री अमित शाह के संज्ञान में भी इस मुद्दे को लाते हुए उनसे हस्तक्षेप की मांग की गई है।

nitish kumar

अन्य संगठनों की जानकारी क्यों नहीं मांगी जाती
आरएसएस का कहना है कि आखिर क्यों राज्य सरकार उनपर निशाना साध रही है, लेकिन वह इसी तरह का कदम मुस्लिम संगठनों, मदरसा, माओवादी, लेफ्ट संगठनों के खिलाफ नहीं उठा रही। जिस 19 संगठनों के बारे में बिहार पुलिस की स्पेशल ब्रांच से जानकारी मांगी गई है, उसमे एक अल्पसंख्यक समुदाय, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच भी शामिल है। यह संगठन भी आरएसएस का ही हिस्सा है जोकि मुस्लिमों तक पहुंचने के लिए बनाया गया है।

आरएसएस ने की आलोचना
वरिष्ठ आरएसएस नेता और आरएसएस के पूर्व विश्वविद्यालय प्रमुख अजीत कुमार ने कहा कि हम इसकी कड़ी आलोचना करते हैं। यह दिखाता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भ्रम में हैं। आखिर क्यों पुलिस से ऐसे संगठन की जानकारी इकट्ठा करने के लिए कहा गया है जोकि पूरी तरह से राष्ट्रवादी काम के लिए समर्पित है। उन्हें सीधे हमसे संपर्क करना चाहिए था, बजाए स्पेशल ब्रांच के। पटना में आरएसएस के एक अन्य शीर्ष नेता ने कहा कि आखिर मदरसा, माओवादी संगठन, लेफ्ट के साथ ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा है। हम देश के लिए काम कर रहे हैं, देश जब भी मुश्किल में होता है, हम उसके लिए खड़े रहते हैं। अगर जरूरत पड़ी तो हम इस मुद्दे को केंद्रीय गृह मंत्रालय लेकर जाएंगे। हमने शीर्ष नेतृत्व को पहले ही इसकी जानकारी दे दी है।

जेडीयू ने बताया रूटीन मामला
जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने इसे रूटीन मामला बताया था। केसी त्यागी के कहा कि यह रुटीन का मामला है, जो कि प्रत्येक राज्य या केंद्र सरकार की खुफिया इकाई समय- समय पर करती रहती है। इसे किसी संगठन की छवि को टार्गेट करने या खराब करने की कोशिश के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। वहीं बीजेपी के सीनियर नेता ने इस पर कहा कि यह गंभीर मसला है क्योंकि आरएसएस एक राष्ट्रीय संगठन है।

मांगी गई थी जानकारी
बता दें कि खुफिया विभाग के इस पत्र में बिहार पुलिस की स्पेशल ब्रांच के सभी अधिकारियों से आरएसएस, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद समेत विभिन्न दलों के नेताओं के नाम, पता, पद और व्यवसाय की जानकारी देने को कहा गया था। उनसे एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया था। इस लैटर की कापी बिहार पुलिस के स्पेशल ब्रांच के एडीजी, आईजी और डीआईजी को भी भेजी गई थी। वर्तमान में स्पेशल ब्रांच के एसपी (जी) कार्तिकेय शर्मा, जिनके ऑफिस से पत्र जारी हुआ था, ने कहा कि मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैंने हाल ही में एसपी (जी) के रूप में पदभार संभाला है।

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