"OTT पर वीभत्स और अभद्र कंटेंट,कानूनी नियंत्रण जरुरी", RSS प्रमुख मोहन भागवत ने जताई चिंता
RSS Chief Of OTT Platform: विजय दशमी के अवसर पर आरएसएस मुख्यालय नागपुर से अपने संबोधन में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कई विषयों पर अपनी राय रखी, जिसमें ओटीटी प्लेटफॉर्म के संबंध में भी बड़ी बात कही गई। मोहन भागवत ने कहा कि "ओटीटी जैसे प्लेटफॉर्म पर फिजूल की बातें आती हैं, इनका कंटेंट इतना वीभत्स होता है कि इसे बताना भी अभद्रता है। उन्होंने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कानूनी नियंत्रण की आवश्पयकता र जोर देते हुए कहा कि इस पर कानून का नियंत्रण बोना बहुत आवश्यक है।"
मोहन भागवत की इसी बात को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अधिकारिक एक्स खाते से साझा भी किया गया है। इस पोस्ट में लिखा गया है कि "ओटीटी प्लेटफार्मों पर,जो दिखाया जा रहा है उस पर कोई नियंत्रण नहीं है। बहुत सारा कंटेंट इतना घिनौना है कि उसका जिक्र करना भी शालीनता का उल्लंघन होगा। हमारे घरों, खासकर बच्चों तक पहुंचने वाली विकृत दृश्य सामग्री पर कानून की तत्काल आवश्यकता है।"

संघ प्रमुख ने कहा कि "आजकल लोगों में संस्कार कम हो चुके हैं, इसका एक बड़ा कारण ओटीटी जैसे प्लेटफॉर्म्स भी है। उन्होंने कहा कि ये भी एक बड़ी वजह है, जिसके कारण से संस्कार आज घटते जा रहे है"। संघ प्रमुख ने कहा कि जब जीवन में यही संस्कार आ जाते हैं, तो इसका दूसरा पहलू सामाजिक और नागरिक जीवन भी है।
मोहन भागवत ने कहा कि "जहां तक संस्कारों के क्षरण का प्रश्न है, तो यह संस्कार तीन जगहों पर मिलते हैं। संस्कार प्रदान की व्यवस्था को पुनर्स्थापित और समर्थ, सक्षम बनाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा पद्धति पेट भरने की शिक्षा देने समेत छात्रों के व्यक्तित्व विकास का भी कार्य करती है। अपने राष्ट्र के सांस्कृतिक मूल्य सारांश में बताने वाला एक सुभाषित है।"
उन्होंने कहा कि "नई शिक्षा नीति में इस भांति के मूल्यों वाली शिक्षा की व्यवस्था के हिसाब से पाठ्यक्रम का प्रयास किया जा रहा है, किंतु प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक शिक्षकों के उदाहरण की मौजूदगी के बिना यह शिक्षा प्रभावी नहीं होगी, लिहाजा शिक्षकों की ट्रेनिंग की नई व्यवस्था बनानी पड़ेगी।"
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