RSS चीफ मोहन भागवत ने मणिपुर के हालात पर जाहिर की चिंता, बोले- एक साल से शांति की राह देख रहा प्रदेश
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के चीफ डॉक्टर मोहन भागवत ने मणिपुर के हालात पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि एक साल से मणिपुर शांति की राह देख रहा है।
इससे पहले 10 साल शांत रहा। पुराना गन कल्चर समाप्त हो गया, ऐसा लगा। और अचानक जो कलह वहां पर उपजा या उपजाया गया, उसकी आग में अभी तक जल रहा है, त्राहि-त्राहि कर रहा है। इस पर कौन ध्यान देगा? प्राथमिकता देकर उसका विचार करना यह कर्तव्य है।

हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव को लेकर मोहन भागवत ने कहा चुनाव संपन्न हुए, उसके परिणाम भी आ गए हैं, लेकिन उसकी चर्चा अभी भी चल रही है। चुनाव लोकतंत्र में प्रति पांच वर्ष होने वाली घटना है। हम अपना कर्तव्य करते रहते हैं लोकमत परिष्कार का। प्रतिवर्ष करते हैं, प्रति चुनाव में करते हैं, इस बार भी किया है।
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चुनाव सहमति बनाने की प्रक्रिया है। सहचित्त संसद में किसी भी प्रश्न के दोनों पहलू सामने आये इसलिए ऐसी व्यवस्था है। चुनाव प्रचार में जिस प्रकार एक दूसरे को लताड़ना, तकनीकी का दुरुपयोग, असत्य प्रसारित करना ठीक नहीं।
मोहन भागवत ने कहा कि विपक्ष को विरोधी की जगह प्रतिपक्ष कहना चाहिए। चुनाव के आवेश से मुक्त होकर देश के सामने उपस्थित समस्याओं पर विचार करना होगा।
जो अपने देश में बनता है, उसे बाहर से नहीं लाना है। देश की नीति ऐसी बने कि बाहर से लेना अंतरराष्ट्रीय व्यापार है, लेकिन हम अपनी शर्तों पर लें, कोई हमें दबाए और लें, ऐसा ना हो। अपने देश की व्यवस्था, कानून, संविधान, अनुशासन की सारी बातों का पालन करना, लाल बत्ती पर रुक जाना, जहां कतार में खड़े रहना है, वहां खड़े रहना।
समय पर कर देना, कोई नियम तोड़ना नहीं, कोई व्यवस्था तोड़ना नहीं, अनुशासन में रहना। यह सारा मैं और मेरा परिवार कर सके, उसके लिए हफ्ते में एक दिन परिवार के साथ बैठना, इसका स्मरण करना चाहिए।












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