44,500 करोड़ रुपए की केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट: यूपी-एमपी के 13 जिलों की तस्वीर बदलेगी, जानिए खास बातें
नई दिल्ली, 10 दिसंबर: उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर बदलने के लिए केंद्र सरकार ने केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट पर आखिरी मुहर लगा दी है। संभावना है कि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झांसी में इस परियोजना को औपचारिक रूप से लॉन्च कर देंगे। यह परियोजना लगभग 17 साल से लटकी हुई थी, जिसे अमलीजामा पहनाने का रास्ता इसी साल मार्च में साफ हुआ था और अब केंद्र सरकार ने इसकी फंडिंग और अमल को हरी झंडी दे दी है। यह परियोजना 8 साल में पूरी होगी और दोनों राज्यों के 13 जिलों में पीने का पानी, सिंचाई और बिजली की समस्या दूर होगी।

44,500 करोड़ रुपए की केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय कैबिनेट ने केन-बेतवा नदी लिंक प्रोजेक्ट की फंडिंग और इसपर अमल की मंजूरी दी है। 2020-21 की कीमतों के स्तर पर केन-बेतवा नदी लिंक प्रोजेक्ट पर 44,500 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर 103 मेगावॉट जल ऊर्जा और 27 मेगावॉट सौर ऊर्जा पैदा होगी। इस परियोजना का 90% खर्चा केंद्र सरकार उठाएगी और बाकी 10% दोनों राज्य मिलकर आधा-आधा उठाएंगे। इस प्रोजेक्ट को 8 साल में पूरा किया जाना है। माना जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट की औपचारिक शुरुआत यूपी चुनाव से पहले ही झांसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों भूमि पूजन करवाकर की जा सकती है।

पूरी परियोजना में 30 अलग-अलग प्रोजेक्ट शामिल
इस प्रोजेक्ट में केन नदी से बेतवा नदी में पानी को ले जाना है, इसके लिए ढोड़न डैम का निर्माण और दोनों नदियों को जोड़ने वाली 176 किलो मीटर लंबी नहर, निचला ऑयर प्रोजेक्ट, कोथा बैराज और बीमा कॉम्पलेक्स मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट का निर्माण होना है। ऐसे कुल 30 प्रोजेक्ट होंगे। यह प्रोजेक्ट पानी की किल्लत झेलने वाले उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश तक फैले बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर बदलने की ताकत रखता है और इस परियोजना के पूरा होने पर इस इलाके को काफी फायदा मिलने की उम्मीद है। इस योजना के विचार को अमल में लाने में करीब 17 साल लग गए हैं।

उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश के 13 जिलों की बड़ी समस्या दूर होगी
यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के 13 जिलों की कायापलट कर सकता है। इससे लाभांवित होने वाले मध्य प्रदेश के 9 और उत्तर प्रदेश के 4 जिले हैं- एमपी में पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, दतिया, विदिशा, शिवपुरी और रायसेन। वहीं यूपी में बांदा, महोबा, झांसी और ललितपुर जिलों को इसका सबसे ज्यादा लाभ मिलने की संभावना है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट अथॉरिटी (केबीएलपीए) बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत एमपी के ढोड़न गांव में डैम, कोथा गांव में पंप हाउस, दिदौनी गांव में ऑयर नदी पर डैम और बीना कॉम्पलेक्स में 4 स्टोरेज डैम बनने हैं। जबकि यूपी के बरियारपुर के पास दो नए बैराज, परियोजना पर अमल और प्रबंधन के लिए स्पेशल पर्पस व्हीकल और एक स्टीयरिंग कमिटी बनेगी।

62 लाख आबादी को पीने का पानी मिलेगा
मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्विटर पर लिखा, "केंद्र सरकार की मंजूरी पर मैं मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के नागरिकों को बधाई देता हूं और सुख, समृद्धि के साथ उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।"
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भविष्य में और नदी लिंक प्रोजेक्ट की शुरुआत हो सकती है
बता दें कि इस परियोजना को लेकर 22 मार्च, 2021 को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंतिरयों के बीच एक ऐतिहासिक समझौता हुआ था। केंद्र सरकार की ओर से शुरू की जा रही यह सबसे बड़ी नदी लिंक परियोजना है। अगर इसने उम्मीदों के मुताबिक परिणाम दिए तो भविष्य में इसका दायरा बढ़ाया जा सकता है। (कुछ तस्वीरें सौजन्य: विकिपीडिया और कुछ यूट्यूब वीडियो से)












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