'जब मैंने गोली मारी, मैं होश में नहीं था', RPF कॉन्स्टेबल का दावा, पुलिस पूछताछ में हुए कई खुलासे
RPF Constable Chetan Singh News: जयपुर-मुंबई सुपरफास्ट एक्सप्रेस में चार लोगों पर गोली चलाने वाले रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ) के कॉन्स्टेबल चेतन सिंह ने पुलिस को बताया कि जब उन्होंने पिछले हफ्ते चलती ट्रेन में गोली चलाई तो वह होश में नहीं थे।
कॉन्स्टेबल चेतन सिंह ने पर एएसआई टीकाराम मीणा सहित चार लोगों की हत्या का आरोप है। टीकाराम मीणा एस्कॉर्ट ड्यूटी प्रभारी थे। सोमवार को मुंबई की एक अदालत में पेश किए जाने के बाद चेतन सिंह की पुलिस हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ा दी गई है।

आरोपी चेतन सिंह ने कहा- जब घटना हुई, मैं होश में नहीं था
चेतन सिंह ने पुलिस को बताया, "जब घटना हुई तब मैं अपने होश में नहीं था। बाद में, मैंने अपनी पत्नी को फोन किया और उसे बताया कि कुछ गलत हुआ है, और उससे कहा कि उसे अब बच्चों की देखभाल करनी होगी।''
हालांकि पुलिस ने चेतन सिंह के दावों का खंडन करते हुए कहा है कि चेतन सिंह केवल अदालत में खुद को बचाने की कोशिश में ये सारी बातें कह रहे हैं।
चेतन सिंह के वकील अमित मिश्रा ने कहा, "आरोपी ने पुलिस को बताया है कि जब अपराध हुआ तो वह होश में नहीं था। उन्हे नहीं पता था कि क्या हो रहा है। मीरा रोड में उन्हें होश आया था, जिसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी रेणु को फोन किया था।''
आरोपी चेतन ने अपने वरिष्ठ एएसआई टीकाराम मीणा को बताया था कि वह अस्वस्थ है और वलसाड उतरना चाहता है। हालांकि, एएसआई मीना और उनके अन्य वरिष्ठों ने उन्हें ट्रेन में ही आराम करने के लिए कहा था।
अमित मिश्रा ने कहा- चेतन को इलाज की जरूरत है
वकील अमित मिश्रा ने यह भी कहा कि रेलवे पुलिस कई बातें छिपा रही है। अमित मिश्रा ने कहा, ''चेतन सिंह तबादले से भी खुश नहीं थे। आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उसे दवा की जरूरत है। उसने अपनी पत्नी और मां से मिलने के लिए अदालत में अपील की है।"
अमित मिश्रा ने कहा कि पुलिस ने आरोपी की पत्नी और मां के बयान लंबे समय तक दर्ज किए हैं।
मामले में अब तक 120 लोगों के बयान हुए दर्ज
एएसआई टीकाराम मीना के अलावा अन्य मृतक यात्रियों की पहचान पालघर के नालासोपारा निवासी अब्दुल कादरभाई मोहम्मद हुसैन भानपुरवाला (48), बिहार के मधुबनी निवासी असगर अब्बास शेख (48) और एक सदर मोहम्मद हुसैन के रूप में हुई।
पुलिस इस मामले में अब तक 120 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। कुछ सीसीटीवी फुटेज तक पुलिस पहुंच रही है और वे अपराध स्थल को फिर से बनाने की भी कोशिश कर रहे हैं।
चेतन सिंह पर आईपीसी की धारा 153ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने एफआईआर में धारा 363 (अपहरण), धारा 341 (गलत तरीके से कारावास) और धारा 342 (गलत तरीके से रोकना और गलत तरीके से कारावास) भी जोड़ा गया है।











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