सबजार भट के बाद 29 वर्ष का रियाज नाइकू हिजबुल का नया कमांडर
29 वर्ष का रियाज नाइकू बना सबजार भट के बाद हिजबुल मुजाहिद्दीन का कश्मीर के लिए नया कमांडर। शनिवार को त्राल में इंडियन आर्मी ने एनकाउंटर में भट को मार गिराया था।
श्रीनगर। शनिवार को एनकाउंटर में सबजार भट की मौत के बाद हिजबुल मुजाहिद्दीन ने नए कमांडर के नाम का ऐलान कर दिया है। 29 वर्ष का रियाज नाइकू अब कश्मीर में हिजबुल का नया कमांडर होगा। रियाज सबसे ज्यादा उम्र का कमांडर है और वह बुरहान वानी की ही तरह टेक सेवी भी है।

कश्मीरी पंडितों से घाटी में वापस लौटने की अपील
नाइकू संगठन का एक कट्टर आतंकवादी है और हिजबुल के काफी आतंकी उसका समर्थन करते हैं। शनिवार को साउथ कश्मीर के त्राल में हुए एनकाउंटर में भट को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। भट को जुलाई 2016 में वानी की मौत के बाद नया कमांडर बनाया गया था। नाइकू घाटी में मूसा से विपरीत राय रखता है और उसका कहना है कि यहां पर एक धर्मनिरपेक्ष समाज होना चाहिए। कुछ माह पहले नाइकू ने एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उसने कश्मीरी पंडितों से घाटी में वापस लौटने की मांग की थी। 11 मिनट के अपने इस वीडियो में नाइकू ने कहा था, 'हम उनका स्वागत करेंगे और काफी गर्मजोशी से करेंगे। उनके लिए हमारे दिलों में हमेशा एक जगह रहेगी। वह हमारे देश का हिस्सा हैं और हम उनके रक्षक बनना चाहते हैं न कि दुश्मन।' नाइकू भी घाटी में A++ कैटेगरी का आतंकी है और उसकी जानकारी देने पर 12 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया है।
तीन वर्षों से है इसकी तलाश
पुलवामा जिले के अवंतिपुरा के दुरबग का रहने वाला नाइकू की पिछले तीन वर्षों से सुरक्षाबलों को तलाश है। जब-जब उसको पकड़ने के लिए कोई जाल बिछाया जाता, वह भाग जाता। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक नाइकू पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट लगा था लेकिन जब यह एक्ट हटा तो वह आतंकवाद से जुड़ गया। नया कमांडर पुलिस ऑफिसर्स समेत कई हत्याओं का आरोपी है। सबजार की ही तरह यह भी वानी का करीबी था और पिछले वर्ष वानी के साथ आई कई फोटोग्राफ में इसे देखा गया था। इंटेलीजेंस सूत्रों की मानें तो हिजबुल ने नाइकू इसलिए नया चीफ बनाया है ताकि वह मूसा की कही हुई बातों को खारिज कर सके। जाकिर मूसा ने कुछ दिनों पहले एक वीडियो जारी कर कहा था कि हिजबुल, कश्मीर में एक नया इस्लामिक शासन लागू करने के लिए लड़ रहा है और वह यहां पर शरिया कानून लगाना चाहता है। यह लड़ाई सिर्फ आजादी की लड़ाई नहीं है।












Click it and Unblock the Notifications