गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल इस झांकी को मिला पहला पुरस्कार, यह सब था खास
गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल इस झांकी को मिला पहला पुरस्कार, यह सब था खास
26 जनवरी को 75वां गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान कर्तव्य पथ पर सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की झांकियां निकाली गईं।
जिसमें सबसे उत्कर्ष झांकी संस्कृति मंत्रालय की रही। सभी झांकियों में संस्कृति मंत्रालय की झांकी को प्रथम पुरस्कार मिला है। संस्कृति मंत्रालय की 'भारत: लोकतंत्र की जननी' थीम को 75वें गणतंत्र दिवस की परेड में पहला पुरस्कार मिला है।
संस्कृति मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए बताया कि "संस्कृति मंत्रालय की झांकी में परंपरा और नवोन्मेष का मिश्रण था तथा ''भारत की सांस्कृतिक विरासत- जिसे अक्सर लोकतंत्र की जननी के रूप में जाना जाता है'' को प्रदर्शित करने के लिए 'एनामॉर्फिक' तकनीक के उत्कृष्ट उपयोग ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस झांकी के दिखाने का मुख्य उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाना था।

इस झांकी में भारत को लोकतंत्र की जननी के रूप में दिखाया गया था। प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने के बाद सांस्कृतिक मंत्रालय को गर्व है। संस्कृति मंत्रालय ने बताया कि ''एनामॉर्फिक तकनीक (प्रतिकृति उकेरने की तकनीक) को हमारी प्रस्तुति में कुशलतापूर्वक अपनाया गया था। इस तकनीक ने इसे समकालीन बनाया जो हमारी संस्कृति की गतिशीलता को दर्शाता है। इसमें आधुनिकता के मेल ने पारंपरिक तत्वों को सहजता से अपनाया। हमने एक ऐसी झांकी बनाई जो कलात्मक कौशल और सांस्कृतिक झलक लेकर आई।'' संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि उसे इस उपलब्धि पर बहुत गर्व है क्योंकि यह ''भारत के विविध रंगों को संरक्षित करने और उसका जश्न मनाने के लिए हमारी प्रतिबद्धता'' को दर्शाता है।












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