टूलकिट मामले में आरोपी शांतनु मुलुक को कोर्ट से बड़ी राहत, निकिता जैकब की याचिका पर फैसला कल
मुंबई। किसान आंदोलन से जुड़े 'टूलकिट' सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने के मामले में आरोपी पया्रवरण कार्यकर्ता शांतनु मुलुक को कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। मंगलवार को बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने शांतनु मुलुक की जमानत याचिका पर सुनवाई करते करते हुए उन्हें 10 दिनों की अग्रिम जमानत दे दी है। बता दें कि टूलकिट मामले में दिल्ली पुलिस ने शांतनु के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी कर रखा है, वहीं कोर्ट ने इसी मामले में आरोपी वकील निकिता जैकब की अग्रीम जमानत याचिका पर फैसला बुधवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया है।

टूलकिट मामले की जांच दिल्ली पुलिस द्वारा की जा रही है। बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद पीठ शांतनु मुलुक के वकील द्वारा पेश किए गए तर्कों को सुनने के बाद आरोपी को अग्रीम जमानत देने का फैसला किया। दिल्ली पुलिस का कहना है कि शांतनु मुलुक 26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए दिल्ली की टिकरी सीमा पर किसानों के विरोध प्रदर्शन में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि अगले दिन शांतनु ने विरोध प्रदर्शन स्थल को छोड़ दिया था।
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दूसरी ओर बॉम्बे हाई कोर्ट ने टूलकिट मामले के संबंध में अधिवक्ता निकिता जैकब की जमानत याचिका पर सुनवाई की लेकिन बुधवार तक के लिए अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। जैकब ने मुंबई में अपनी अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जबकि मुलुक ने उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ के समक्ष अपनी याचिका दायर की थी। दिल्ली पुलिस द्वारा टूलकिट मामले में 'फरार' घोषित किए जाने के बाद निकिता जैकब और शांतनु मुलुक दोनों ने बॉम्बे HC से अग्रिम जमानत की मांग की थी।












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