Red Fort Blast Case: जम्मू-कश्मीर से पकड़े गए दो आरोपी, पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी, खुलेगी साजिश की हर कड़ी!
Red Fort Blast Case: दिल्ली के चर्चित रेड फोर्ट ब्लास्ट केस में बड़ी अपडेट सामने आई है। जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को बुधवार (25 फरवरी) को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। दोनों आरोपियों को स्पेशल एनआईए (NIA) कोर्ट के सामने पेश किया गया है। केस की सुनवाई बंद दरवाजों में हुई है। जांच टीम को उम्मीद है कि इन दोनों आरोपियों से साजिश से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) इस मामले में साजिश और आतंकी कनेक्शन की जांच कर रही है। कोर्ट में पेशी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। मामले की अगली सुनवाई में जांच से जुड़े अहम खुलासे हो सकते हैं। इस ब्लास्ट को अंजाम देने वालों में काफी पढ़े लिखे लोग और डॉक्टर भी शामिल थे।

Red Fort Blast Case: यह है केस की टाइमलाइन
- 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार बम धमाके से जुड़ा है, जिसमें लगभग 15 लोगों की जान गई थी।
- धमाके के समय कार डॉ. उमर-उन-नबी चला रहा था, आत्मघाती हमले में उसकी मौत हो चुकी है। उसने अपना एक वीडियो भी शेयर किया था।
- NIA ने इस गिरोह को एक "व्हाइट-कॉलर" मॉड्यूल बताया है। साजिश को अंजाम देने वालों में डॉ. मुजम्मिल गनई, डॉ. अदील राथर और डॉ. शाहीन सईद) शामिल थे। इन सब पर अल कायदा और जैश-ए-मोहम्मद से प्रभावित होने के सबूत मिले हैं।
- 13 फरवरी को अदालत ने NIA को चार्जशीट दाखिल करने के लिए 45 दिनों का अतिरिक्त समय दिया था। इस मामले में अल फलाह यूनिवर्सिटी का नाम भी आया था और आरोपी इस संस्थान से जुड़े थे। घटना के बाद यूनिवर्सिटी बंद कर दी गई है।
Delhi Blast Case की साजिश होगी बेनकाब
अब तक की पूछताछ में खुलासा हुआ था कि यह मॉड्यूल केवल लाल किला ही नहीं, बल्कि शहर के एक प्रमुख कॉफी चेन के आउटलेट्स को भी निशाना बनाने की योजना बना रहा था। अल फलाह यूनिवर्सिटी से भारी मात्रा में विस्फोटक मिले थे। धमाके के बाद में की गई छापेमारी (जैसे फरीदाबाद और अन्य इलाकों में) के दौरान करीब 2,900 किलोग्राम विस्फोटक और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे। कश्मीर से दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उम्मीद की जा रही है कि साजिश की हर परत अब बेनकाब हो सकती है।












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