कोरोना के रिकॉर्ड टीकाकरण से भी तीसरी लहर को रोकना मुश्किल, एक्सपर्ट ने जताई इस बात की चिंता
नई दिल्ली, 27 जून। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में टीकाकरण अहम हथियार है। 21 जून को जब एक ही दिन में रिकॉर्ड 87 लाख लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई थी तो उम्मीद जगी थी कि कोरोना की तीसरी लहर से पहले टीकाकरण इसे रोकने में अहम होगा। लेकिन एक्सपर्ट का मानना है कि दूसरी लहर से उबरने के बाद इस जिस रफ्तार से टीका लगाया जा रहा है वह कोरोना की संभावित तीसरी लहर को रोकने में कारगर साबित नहीं होगा। एक्सपर्ट का कहना है कि टीकाकरण की रफ्तार तेज होने के बाद भी प्रतिदिन औसतन 46 लाख लोगों को ही वैक्सीन लगाई जा रही है, जबकि पिछले कुछ महीनों में 30 लाख वैक्सीन औसतन प्रति दिन लगाई गई है।

महज चार फीसदी का टीकाकरण
तमाम प्रयासों के बावजूद भारत में अभी तक सिर्फ 4 फीसदी आबादी को ही कोरोना की दोनों डोज लग सकी है। ऐसे में वैज्ञानिकों का कहना है कि इस रफ्तार से कोरोना की तीसरी लहर एक महीने के भीतर ही आ सकती है, जिससे लोगों में एक बार फिर से इस बात का डर है कि उन्हें ऑक्सीजन, अस्पताल में बेड की कमी का सामना करना पड़ेगा। अशोका यूनिवर्सिटी के फिजिक्स और बायोलॉजी के प्रोफेसर गौतम मेनन ने बताया कि मुझे नहीं लगता है कि कोरोना टीकाकरण की रफ्तार को आगे जारी रखा जा सकेगा क्योंकि वैक्सीन की उपलब्धता एक बड़ा सवाल है।
वैक्सीन की किल्लत
देश में फिलहाल दो कंपनियां ही कोरोना की वैक्सीन की सप्लाई कर रही हैं और यह तकरीबन पांच करोड़ वैक्सीन ही उपलब्ध करा रही हैं। ऐसे में देश की सवा करोड़ से अधिक आबादी को वैक्सीन की सप्लाई करने में ये दो कंपनियां असमर्थ साबित हो रही हैं। इसके अलावा देश की दो तिहाई आबादी तक वैक्सीन को पहुंचाने में मूलभूत जरूरतों की कमी का भी देश को सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताई है कि देश में तेजी से लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी।
30-35 करोड़ डोज उपलब्ध कराने की तैयारी
टीकाकरण को लेकर बनाई गई नेशनल टेक्नोलॉजी एडवायजरी ग्रुप के सदस्य एनके अरोड़ा ने कहा कि अगले महीने तक 22 करोड़ कोरोना के टीके उपलब्ध होंगे, भारत का लक्ष्य है कि वह हर रोज एक करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाए। शुक्रवार को अरोड़ा ने कहा कि अगस्त माह में भारत 30-35 करोड़ कोरोना की वैक्सीन अधिग्रहित कर लेगा। लेकिन बावजूद इसके कुछ शोधकर्ता इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं है कि अधिक संख्या में टीकाकरण से कोरोना की तीसरी लहर को टाला जा सकता है। कोरोना की पर्याप्त टीके देश में उपलब्ध नहीं हैं लिहाजा टीकाकरण की रफ्तार को बरकरार नहीं रखा जा सकता है।












Click it and Unblock the Notifications