पीएम नरेंद्र मोदी ने लिखा खुला पत्र, पढ़ें पूरी चिठ्ठी हिंदी में

नई दिल्ली। एनडीए सरकार के कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता के नाम एक खुला पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने देशवासियों से कदम से कदम मिलाकर चलने और हर कदम देश हित में बढ़ाने की अपील की है। प्रस्तुत है मोदी का पूरा पत्र।

मेरे प्यारे देशवासियों,

पिछले वर्ष आज के दिन जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से मुझे प्रधानमंत्री का दायित्व मिला। मैं स्वयं को "प्रधान सेवक" मानकर अपनी जिम्मेदारी इसी भावना से निभा रहा हूं। अन्त्योदय हमारे राजनैतिक दर्शन का मूल मंत्र है। प्रमुख फैसले लेते समय हमेशा वंचित, गरीब, मजदूर और किसान हमारी आखों के सामने रहते हैं। जन-धन योजना में हर परिवार का बैंक खाता और प्रधानमंत्री जीवन-ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना इसी का प्रमाण हैं।

"अन्नदाता सुखी भव:" हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारे किसान अथक मेहनत कर देश को खाद्य सुरक्षा प्रदान करते हैं। प्रधामनंत्री कृष‍ि सिंचाई योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड, बिजली की बेहतर उपलब्धता, नई "यूरिया नीति", कृष‍ि विकास के लिये हमारी प्रतिबद्धता है। बेमौसम और ओलावृष्ट‍ि से पीड़‍ित किसानों के साथ हम मजबूती से खड़े रहे। सहायता राश‍ि को डेढ़ गुना किया।

भ्रष्टाचार-मुक्त, पारदर्शी, नीति-आधारित प्रशाससन एवं शीघ्र निर्णय हमारे मूलभूत सिद्धांत हैं। पहले प्राकृतिक सम्पदा जैसे कोयला या स्पैक्ट्रम का अवंटन मनमानी से, चहेते उद्योगपतियों को होता था। किन्तु देश के संसाधन देश की सम्पत्त‍ि हैं। सरकार का मुख‍िया होने के नाते मैं उसका ट्रस्टी हूं। इसीलिये हमने निर्णय लिया कि आवंटन नीलामी से होगा। कोयले के अब तक हुए आवंटन से लगभग तीन लाख करोड़ रुपए और स्पैक्ट्रम से लगभग एक लाख करोड़ की आमदनी होगी!

सुदृढ़ अर्थव्यवस्था के लिये भरोसेमंद सरकार आवश्यक होती है। जब हमारी सरकार बनी उस समय आर्थि‍क स्थ‍िति डावांडोल थी। महंगाई तेजी से बढ़ रही थी। मुझे खुशी है कि हमारे प्रयासों से विगत वर्ष में भारत विश्व की तीव्रताम विकास वाली अर्थव्यवस्था बनी। महंगाई नियंत्रित हुई और पूरे वातावरण में नए उत्साह का संचार हुआ।

विश्व स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। पूंजी निवेश बढ़ा है। "मेक इन इंडिया" और "स्क‍िल इंडिया" अभ‍ियान का उद्देश्य हमारे युवाओं को रोजगार प्रदान कराना है। हमने मुद्रा बैंक की स्थापना की जिससे छोटे-छोटे रोजगार चलाने वाले भाई-बहनों को दस हजार रुपए से दस लाख रुपए तक के बैंक-ऋण सुलभ होंगे। हमने काला धन वापस लाने का वादा किया था। सरकार बनते ही पहला निर्णय काले धन पर एसआईटी गठन करने का था। फिर हमने विदेशों में कालाधन रखने वालों को कड़ीस जा देने के लिये कानून बनाया।

"स्वच्द भारत अभ‍ियान" की सोच है कि बहू-बेटी को खुले में शौच न जाना पड़े, शौचालय के अभाव में बेटियां स्कूल न छोड़ें और गंदगी से मासूम बच्चे बार-बार बीमार न पड़ें। बालकों की तुलना में बालिकाआं की गिरती संख्या बहुत चिंता का विषय है।, इसलिये हमने "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" अभ‍ियान चलाया। सदियों से हमारी आस्था का केंद्र जीवनदायिनी मां गंगा प्रदूषण-मुक्त हो इसलिए हमने "नमामि गंगे" कार्यक्रम शुरू किया। हमारा इरादा है कि गांव की तस्वीर बदले और मूलभूत सुविधाएं जैसे प्रत्येक परिवार के लिये पक्का घर, चौबीस घंटे बिजली, पीने का शुद्धा पानी, शौचालय, सड़क और इंटरनेट की व्यवस्था हो, जिससे लोगों का जीवनस्तर बेहतर हो। इन सबकी सफलता के लिये आपकी भागीदारी आवश्यक है।

हमने जोड़ने का काम किया है- देश की सीमाओं, बंदरगाहों और पूरे भारत को एक कोने से दूसरे कोने तक जोड़ने के लिये सड़कें और रेलवे को नया जीवन देने का प्रयास। लोगों को जोड़ने के लिये "डिजिटल इंडिया" कनेक्ट‍िविटी। सभी मुख्यमंत्रियों के साथ "टीम इंडिया" की अवधारणा भी दूरियां मिटाने की कोश‍िश है।

प्रथम वर्ष में विकास यात्रा की मजबूत नींव से देश ने खोया विश्वास पाया है। मुझे भरोसा है कि हमारे प्रयासों ने आपकी जिंदगी को छुआ होगा। यह मात्र शुरुआत है। देश आगे बढ़ने के लिये तैयार है। आइये... हम सब संकल्प लें कि हमारा हर कदम देशहित में आगे बढ़े।

आपकी सेवा में समर्पित
नरेन्द्र मोदी
जय हिन्द!

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