खोलना है बैंक में खाता तो सिर्फ एक आईडी काफी है

अब केवल एक एड्रेस प्रूफ, चाहे वह परमानेंट एड्रेस प्रूफ हो या लोकल एड्रेस प्रूफ, से ही किसी बैंक में खाता खुल जाएगा। आरबीआई के इस निर्णय से प्रवासी मजदूरों और ट्रांसफरेबल जॉब वाले लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। मौजूदा स्थिति यह है कि ऐसे लोगों को बैंक खाता खोलने में काफी मुश्किल आती है।
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जान लें क्या हैं नियम-
- बैंक खाता खोलते समय किसी व्यक्ति को केवल एक एड्रेस प्रूफ ही देना होगा। परमानेंट एड्रेस प्रूफ या लोकल एड्रेस प्रूफ में से कोई भी एक जमा कर खाता खोला जा सकता है।
- बैंक खाते को अपडेट कराने के लिए भी अब केवल एक ही एड्रेस प्रूफ देना होगा।
- यदि खाता धारक अपना पता बदल देता है तो उसे नया एड्रेस प्रूफ अगले छह महीने के भीतर जमा करना होगा।
- यदि खाता धारक बैंक में जो एड्रेस प्रूफ देता है, वह न तो उसका लोकल एड्रेस है और न ही वह एड्रेस है जहां वह रह रहा है, तो ऐसी स्थिति में बैंक उससे उसके लोकल एड्रेस के बारे में एक डिक्लेयरेशन ले सकता है और उसके बाद बैंक उसी पते पर उससे पत्र व्यवहार करेगा।
- ऐसे पते के लिए किसी तरह के प्रूफ की जरूरत नहीं होगी। यदि उस पते पर कोई पत्र या चेक बुक या एटीएम कार्ड पहुंच जाता है, तो यह उस पते का सत्यापन माना जाएगा।
इसके अलावा टेलीफोन पर बातचीत या मौके पर जांच करके भी खाता धारक द्वारा दिए गए इस पते का सत्यापन कराया जा सकता है। यदि खाता धारक का यह पता बदल जाता है तो उसे बैंक को दो हफ्ते के भीतर नए पते के बारे में सूचित करना होगा। यदि उपभोक्ता यह सूचित नहीं करता है तो उसके लेनदेन सम्बंधी गोपनीय सूचनाएं किसी और के हाथ भी लग सकती हैं, जिसकी जिम्मेदारी बैंक नहीं लेगा।












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