आरबीआई ने दरें नहीं बदलीं, जानिए क्या पड़ेगा आपको फर्क
मुंबई। रिजर्व बैंक की दरों में बदलाव नहीं होने का मतलब यह है कि रियल्टी, वाहन तथा अन्य पूंजी साध्य उद्योगों को अभी राहत नहीं मिलने जा रही है।
वाहन तथा कई अन्य कारोबारी क्षेत्र ऊंची ब्याज दर और महंगे ईंधन के कारण बिक्री बढ़ाने में काफी मुश्किलों का सामना कर रही हैं। ऊंची दरों के कारण उपभोक्ता बाजार से किनारा कर रहे हैं।
रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने अपने बयान में कहा, "रिजर्व बैंक महंगाई दरों पर नजर टिकाए रखेगा और जनवरी 2015 तक उपभोक्ता महंगाई दर को आठ फीसदी तक लाने तथा जनवरी 2016 तक छह फीसदी तक लाने के लिए महंगाई कम करने के रास्ते पर चलता रहेगा। उन्होंने कहा, "2015 के शुरू में महंगाई दर करीब आठ फीसदी पर पहुंच सकती है, इसलिए यह जरूरी है कि महंगाई घटाने के रास्ते पर चलते रहा जाए।
रेपो दर क्या है
रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को बिना किसी परिवर्तन के आठ फीसदी रखने का निर्णय लिया। इसी दर पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को ऋण मुहैया कराता है।
रिवर्स रेपो दर को सात फीसदी पर बरकरार रखा गया। वाणिज्यिक बैंक अपनी अतिरिक्त राशि को अल्पावधि के लिए जिस दर पर रिजर्व बैंक में रखते हैं, उसे रिवर्स रेपो दर कहा जाता है। नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी चार फीसदी पर अपरिवर्तित रखा गया है। सीमांत स्थायी सुविधा दर और बैंक दर को भी नौ फीसदी पर यथावत रखा गया।
तीन बार बढ़ीं ब्याज दरें
सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) में 0.5 फीसदी की कटौती करते हुए इसे 22.0 फीसदी रखा गया है, जो नौ अगस्त, 2014 से प्रभावी होगा।बाजार के अधिकतर जानकारों का अनुमान था कि रिजर्व बैंक दरों में बदलाव नहीं करेगा। राजन ने सितंबर 2013 में पदभार ग्रहण करने के बाद ब्याज दरें तीन बार बढ़ाई हैं।
इस बीच देश के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। दोपहर करीब 1.30 बजे बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 75.95 अंकों की गिरावट के साथ 25,647.21 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी करीब इसी दौरान 17.40 अंकों की गिरावट के साथ 7,666.25 पर कारोबार करते देखे गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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