रामविलास पासवान राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित, परिवार से चार लोग सांसद बने
नई दिल्ली: मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री और लोकजनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान शुक्रवार को बिहार से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हो गए। ये जानकारी एक अधिकारी दी। बिहार विधानसभा के सचिव और रिटर्निंग ऑफिसर बटेश्वर नाथ पांडेय ने बताया कि दोपहर 3 बजे नामांकन पत्रों की वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद पासवान को निर्वाचित घोषित किया गया। कोई अन्य उम्मीदवार नामांकन दाखिल नहीं करने नहीं पहुंचे। बिहार विधानसभा सचिव बटेश्वरनाथ पांडे ने कहा कि अब कोई औपचारिक चुनाव नहीं होगा।

रामविलास पासवान निर्विरोध घोषित
बीजेपी नेता और केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के पटना साहिब से लोकसभा सांसद बनने के बाद ये सीट खाली हुई थी। उनके इस्तीफे के बाद रिक्त सीट पर चुनाव होना था। लेकिन रामविलास पासवान के खिलाफ कोई उम्मीदवार ना होने पर उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। गौरतलब है कि रामविलास ने अपने कार्यकाल की समाप्ति से दो साल पहले 2014 में राज्यसभा से इस्तीफा देकर एनडीए के उम्मीदवार के तौर पर हाजीपुर से चुनाव लड़ा था और जीते थे।

एलजीपी का राज्यसभा में खाता खुला
राम विलास पासवान के चुने जाने के बाद राज्यसभा में भी एलजीपी का खाता खुल गया। लोकसभा चुनाव से पहले ही एनडीए में उन्हें राज्यसभा भेजने को लेकर समझौता हो गया था। रामविलास पासवान अपने परिवार से चौथे ऐसे व्यक्ति हैं, जो इस बार सांसद बने हैं। उनके बेटे चिराग पासवान और उनके दो भाई इस बार लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने हैं। राम विलास पासवान का निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुना जाना बुधवार को ही तय हो गया था क्योंकि पासवान के अलावा किसी और ने नामांकन नहीं किया था। 28 जून को नामांकन वापसी का आखिरी दिन था।

राम विलास पासवान का राजनीतिक करियर
रामविलास पासवान लॉ ग्रेजुएट और एमएम हैं। 1969 में वो बिहार से विधायक चुने गए। इमरजेंसी खत्म होने के बाद वो बिहार में हाजीपुर लोकसभा सीट 4.24 लाख मतों से जीते थे। उन्होंने इस जीत के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया था। 1975-77 के आपातकाल के दौरान गिरफ्तार होने के बाद भी वे जेल में थे। उन्होंने 10 संसदीय चुनाव लड़े हैं और हाजीपुर से आठ बार जीते हैं।












Click it and Unblock the Notifications