विवादित बयानों के चलते रामशंकर कठेरिया की कैबिनेट से छुट्टी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जिस तरह से अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार ने अपना कैबिनेट विस्तार किया है उसने एक संदेश साफ दे दिया है कि विवादित बयान वाले नेताओं को पार्टी बड़ी जिम्मेदारी देने से कतरा रही है।

आगरा से भाजपा के सांसद राम शंकर कठेरिया जोकि केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय में राज्यमंत्री थे, उनकी कैबिनेट से छुट्टी कर दी गयी है। आज हुए कैबिनेट विस्तार में जिस तरह से यूपी के कई चेहरों को दरकिनार कर दिया गया उसने पीएम मोदी के तेवर को साफ कर दिये है।
कठेरिया अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते थे, जिसके चलते आये दिन पार्टी की किरकिरी होती रहती थी। हाल ही में कठेरिया ने कहा था कि देश की शिक्षा का भगवाकरण होगा और इसे कोई नहीं रोक पाएगा। हालांकि उन्होंने इस बयान पर बाद में सफाई दी थी लेकिन तबतक वह पार्टी को काफी डैमेज कर चुके थे।
यही नहीं कठेरिया की मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी से भी कई बार टकराव हो चुका था, जिसके चलते दोनों के बीच अनबन बनी रहती थी। फिलहाल नये कैबिनेट विस्तार में कठेरिया के अलावा, निहालचंद, संवर लाल जाट, मनसुखभाई, डी वास्वा और एमके कुंदरिया को कैबिनेट से बाहर कर दिया गया है।
सूत्रों की मानें तो इन लोगों ने पीएम को अपना इस्तीफा भी सौंप दिया है। यूपी के कैबिनेट विस्तार में माना जा रहा था कि योगी आदित्यनाथ को भी कैबिनेट में जगह मिल सकती है लेकिन उनके नाम पर विचार नहीं किया गया। इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है उनका अक्सर अपने बयानों के चलते विवादों में रहना।












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