राजनाथ सिंह ने बतायीं 10 अहम बातें जो तय करेंगी भविष्य की विकास दर
केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के 110वें वार्षिक सत्र में ‘भारत में बदलाव लाना - हम मिलकर ला सकते हैं और हम लाएंगे' विषय पर कहा कि कोई देश तब तक विकास नहीं कर सकता जब तक वह सुरक्षित नहीं है और यह सुरक्षा ही विकास की पहली शर्त है। खैर इस मौके पर भारत की विकास दर पर भी चर्चा हुई।
राजनाथ ने कहा कि किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व के समग्र विकास के लिए आर्थिक विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक विकास की भी जरूरत है। भौतिकवाद हमें क्षणिक, आनंद दे सकता है, लेकिन मानसिक शांति केवल आध्यात्मिक विकास से ही प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बड़ी आर्थिक ताकत बनने के साथ-साथ भारत को जगत गुरू भी बनना चाहिए। विश्व को भारत के मूल्यों से आकर्षित होना चाहिए।
भारत की विकास दर निकट भविष्य में दोहरे अंकों में पहुंच जाएगी जो वर्तमान में 7.5 प्रतिशत है। राजनाथ सिंह ने जो निम्न 11 बातें कहीं, उनसे साफ है कि जल्द ही भारत की विकास दर दोहरे अंकों में पहुंच जायेगी:-
- सरकार की योजनाओं का उद्देश्य आम आदमी की वित्तीय समाग्रता से है। आम आदमी और विपक्षी दलों का सहयोग जरूरी है।
- भारत विश्व की 10 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और वर्ष 2020-25 तक भारत विश्व की 5 शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा।
- भारत का स्थान कारोबार को सरल बनाने के मानदंड से ऊपर उठा है। घरेलू कंपनियों को नई मजबूती मिली है।
- आर्थिक अर्थव्यवस्था की गति को बढ़ाना बड़ी चुनौती है, जिसका सामना करने के लिये सभी राज्यों का योगदान जरूरी है।
- भारत में प्राकृतिक संसाधनों और मानव संसाधनों की कोई कमी नहीं है।
- भारत की अर्थव्यवस्था को स्वतंत्रता से लेकर ही अनेक प्रतिकूल परिस्थितियों से गुजरना पड़ा है।
- भारत ने वैश्विक मंदी के प्रभाव में भी अपने को बचाए रखा और विश्व ने माना की भारतीय अर्थव्यवस्था में विकास की काफी संभावनाएं हैं।
- ‘मेक इन इंडिया' जैसी विभिन्न योजनाओं ने भारत की विकास दर को गति प्रदान की।
- भारत विदेशी निवेशकों का पसंदीदा स्थान बन गया है क्योंकि विदेशी निवेशकों का विश्वास बड़ा है।
- सरकार ने भारत में कारोबार और उद्योग के माफिक विभिन्न संरचनात्मक और प्रक्रियात्मक सुधार किए हैं।













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