टुकड़े- टुकड़े हो जाएगा पाकिस्तान- राजनाथ सिंह
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर जमकर बोला हमला, बोले पाकिस्तान यह जानता है कि वह हमें सीधी जंग में नहीं हरा सकता है, वह छद्म युद्ध कर रहा है।
श्रीनगर। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर जमकर हमला बोला है, उन्होंने एक बार फिर से अटल जी के बयान को दोहराते हुए कहा कि जिंदगी में दोस्त तो बदल जाते हैं पर पड़ोसी नहीं बदलता है।

हर बार हारा पाक
गृहमंत्री ने कहा कि हमारे सारे प्रधानमंत्रियों ने पाक के साथ रिश्ते बेहतर करने की कोशिश की, अटल जी भी यह हमेशा कहते थे, अटल जी की उस भाषा को भी पाक ने नहीं समझा। 4-4 बार पाक के साथ जंग हुई है, लेकिन मैं शीष झुकाकर सेना को नमन करना चाहता हूं कि उनके दांत खट्टे कर दिए हैं हौसले पस्त कर दिए।
1999 में भी पाक को शिकस्त खानी पड़ी थी, पाक समझ चुका है कि वह भारत को सीधी जंग में हरा नहीं सकता है इसलिए छद्म युद्ध कर रहा है, आतंकवाद बहादुर लोगों का नहीं बल्कि कायरों का हथियार होता है।
मुगालते में है पाक
मुगालतों में है यह पाक कि मजहब के आधार पर भारत को बांट देंगे, भले ही 1947 में बंटवारा हुआ था लेकिन आज भी दिल स्वीकार नहीं करता हमारा दिल कहता है चाहे हिंदू हो या पाकिस्तान हो लेकिन जो भारत माता की गोद में पैदा हुआ वह भारत का है। भारत में इस्लाम के 72 के 72 फिरके पाए जाते हैं, यह सिर्फ भारत में है और दुनिया के किसी भी देश में नहीं पाए जाते हैं
भारत के मुसलमानों का धन्यवाद
भारत का गृहमंत्री होने के नाते और पीएम मोदी की नीयत को जो मैं समझता हूं उस आधार पर कह सकता हूं कि हिंदुस्तान को साथ लेकर चलेंगे, कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। दुनिया के सारे देश आईएस को लेकर चिंतित है, लेकिन आईएस भारत के अंदर अपनी जड़े नहीं जमा सका तो इसकि लिए मैं भारत के मुसलमान को धन्यवाद देना चाहता हूं।
खंड-खंड हो जाएगा पाक
पाकिस्तान मजहब के आधार पर अलग हुआ लेकिन फिर भी एक नहीं रह सका और दो टुकड़े हो गए, लेकिन हो सकता है कि पाक के 10 टुकड़े हो जाएं और खंड खंड हो जाए। लेकिन यह भारत नहीं करेगा, हमारी सोच कभी भी तोड़ने की नहीं रही।
हम किसी देश को परेशान नहीं करना चाहते हैं, हम विस्तारवादी नीति को मानने वाले नहीं हैं। हम वसुधैव कुटुंबकम की विचारधारा को मानने वाले हैं, हम उस परंपरा और उस संस्कृति को मानने वाले है जो सिर्फ भारत में रहने वालों को परिवार का सदस्य नहीं मानते बल्कि विश्वभर के लोगों को अपना परिवार मानते हैं।
अगर उधर से गोली चले तो हमारी सेना गोलियां नहीं गिनेगी
अटली जी ने ना सिर्फ पाक के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाया बल्कि पाकिस्तान गए भी, लेकिन पाक ने उस एवज में क्या दिया, उन्होंने बार-बार सीजफायर का उल्लंघन किया। मैंने हमेशा विश्वास दिलाया कि भारत पाक पर पहली गोली नहीं चलाएगा, पाक के लोग भी हमारे हैं और उनमें भी हमारा ही खून है। मैंने पाक के रेंजर्स को संदेश दिया था कि आपकी तरफ से पहली अगर गोली चलेगी तो मैंने भारत के जवानों को कह दिया था कि अपनी गोलियां गिनना नहीं।
हमने दोस्ता का हाथ बढ़ाया
जब हमारी सरकार बनी थी तो पार्टी की बैठक में यह तय हुआ था कि सभी पड़ोसी देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित भी किया, इसमें नवाज शरीफ साहब भी आए थे। हमने उन्हें सिर्फ हाथ मिलाने के लिए आमंत्रित नहीं किया था बल्कि दिल से दिल मिलाने के लिए आमंत्रित किया था।
हमारे पीएम ने सारे प्रोटोकाल को तोड़ते हुए अफगानिस्तान से सीधा पाक गए, क्या करें पाक, हम कलेजा निकाल के रख दें, हम चाहते हैं कि सारे देशों का विकास हो, नेपाल का भी विकास हो पाकिस्तान का भी विकास हो।
हमारी दरियादिली के बदले मिला आतंकी हमला
हमारी दरियादिली के एवज में हमें पठानकोट दिया, उरी का हमला दिया, हमारे जवानों पर कायराना हमला किया। मैं अभिनंदन करना चाहता हूं अपने जवानों का जिन्होंने यह संदेश दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो सीमा पार भी जाकर सबक सिखा सकते हैं।
पाक ने हमेशा विश्वासघात किया
जैसे भारत कहता है कि आतंकवाद के साथ समझौता नहीं करेगा तो पाकिस्तान यह कभी क्यों नहीं कहता है। आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए भारत भी तैयार है, लेकिन पाक हमसे कभी नहीं कहता है कि आप हमारी मदद कीजिए।
गुरदासपुर में आतंकी हमला हुआ तो पाक ने कहा कि हम सहयोग करना चाहते हैं तो हमने झटपट कह दिया कि आप अपनी टीम जांच के लिए भेज दीजिए, लेकिन वापस जाते वक्त उनकी टीम ने हमारे अधिकारियों से कहा था कि हम जल्द ही भारत की टीम को बुलाएंगे, लेकिन पाक पहुंचकर कह दिया कि हम भारत की जांच की टीम को नहीं बुलाएंगे।
पाक में अच्छे आतंकी, बुरे आतंकी पर चर्चा
आज भी पाक में चर्चा चलती है कि अच्छा आतंकी और बुरा आतंकी होता, लेकिन आतंकी, आतंकी होता है। पाक में सार्क सम्मेलन होना था, मैने सोचा था कि हम अपने प्रतिनिधि भेजेंगे, लेकिन जब मैंने सुना कि वहां भारत के खिलाफ साजिश चल रही है और हमारे खिलाफ अभियान चल रहा है तो मैं खुद वहां गया।
पाक की छाति पर चढ़कर बोला
एक किलोमीटर की दूरी में 4-6 प्रदर्शन हमारे खिलाफ हो रहे थे, क्या यही मेहमानवाजी होती है, क्या उन्हें नहीं रोका जा सकता था। मैंने फैसला किया था कि जो भी मुझे बोलना है वह मैं पाक में बोलुंगा औऱ मैंने पाक की छाति पर चढ़कर बोला था। मैं फिर से कहना चाहता हूं कि जबतक जम्मू कश्मीर का विकास नहीं होता भारत का विकास नहीं हो सकता है।












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