Kota में अब तक 110 बच्चों की मौत, 'हाइपोथर्मिया' है वजह, कटघरे में राजस्थान सरकार
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जयपुर। इन दिनों राजस्थान का कोटा बुरी तरह से सिसक रहा है क्योंकि यहां बच्चों के मरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जेके लोन अस्पताल में बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़कर रविवार को 110 पहुंच गया है, बच्चों की मौत को लेकर जहां विरोधी पार्टियां राज्य सरकार को घेरने में लगी हैं वहीं दूसरी ओर लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि बच्चों की मौतों के पीछे असल वजह क्या है, हालांकि लगातार आरोपों में घिरी सरकार ने 110 बच्चों की मौत के बाद जांच पैनल नियुक्त किया था, जिसने अपनी रिपोर्ट पेश की है।

हाइपोथर्मिया के कारण हुई बच्चों की मौतें: जांच पैनल
रिपोर्ट में कहा गया है कि हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान असंतुलित हो जाना) के कारण बच्चों की मौत हुई है, जिसके पीछे कारण अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की कमी है, रिपोर्ट में कहा गया है कि अस्पताल में बच्चे सर्दी के कारण मरते रहे और यहां पर जीवन रक्षक उपकरण भी पर्याप्त मात्रा में नहीं थे।
क्या होता है 'हाइपोथर्मिया'
हाइपोथर्मिया एक ऐसी आपात स्थिति होती है, जब शरीर का तापमान 95 एफ (35 डिग्री सेल्सियस) से कम हो जाता है, मालूम हो कि शरीर का सामान्य तापमान 98.6 एफ (37 डिग्री सेल्सियस) होता है, हाइपोथर्मिया को अल्प तापवस्था भी कहते है, जब आपके शरीर का तापमान कम होता है, तो आपके दिल तंत्रिका तंत्र और अन्य अंग सामान्य रूप से कार्य नहीं कर पाते हैं, जिससे श्वांस प्रणाली को सांस लेने में दिक्कत होती है और इस कारण इंसान की मृत्यु हो जाती है।

सचिन पायलट ने साधा गहलोत पर निशाना
राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष और राज्य के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कोटा के जेके लोन अस्पताल में 110 शिशुओं की मौत को लेकर अपनी सरकार पर सवाल उठाया है। सचिन ने कहा है कि बहुत बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हुई है, हम जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते हैं। पहले कितने बच्चों की मौतें हुईं, उस संख्या से कोई फर्क नहीं पड़ता, आज जो बच्चें दम तोड़ रहे हैं। उनकी जवाबदेही हमारी सरकार की बनती है।
क्या कहा था सीएम अशोक गहलोत ने
मालूम हो कि गहलोत की ओर से लगातार ये कहा गया है कि सरकार बेहतर काम कर रही है और बीते सालों के मुकाबले इस साल कम बच्चों की मौत हुई है। राजस्थान के मुख्यमंत्री का कहना है कि कोटा में हुई बच्चों की मौत के मामले पर सरकार संवेदनशील है। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। वहीं बताया गया है कि कोटा में बच्चों की मौतों पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी गहलोत सरकार के रवैये से खफा हैं।












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