डूंगरपुर हिंसक प्रदर्शनों में अब तक दो की मौत, आरएएफ और आरएसी तैनात की गई
नई दिल्ली। राजस्थान के डूंगरपुर में शिक्षकों की भर्ती को लेकर आदिवासियों के बीते आठ दिन से चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन के में दो लोगों की मौत हो गई है और एक अन्य घायल हो गया है। रविवार को राजस्थान डीडीपी भूपेंद्र सिंह ने बताया है कि रैपिड एक्शन फोर्स की दो कंपनियां और राजस्थान आर्म्ड कंस्टेबुलेरी की छह कंपनियां तैनात की गई हैं। उन्होंने बताया कि अब तक इस हिंसा से जुड़े 24 मामले दर्ज किए गए हैं।

प्रदर्शनकारियों ने अब तक 25 से ज्यादा वाहनों को आग लगा दी है और कई दुकानों, होटलों और पेट्रोल पंप में तोड़फोड़ की है। हिंसा के आसपास वाले इलाकों में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है, अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है। रविवार को राजस्थान सरकार में मंत्री अर्जुन सिंह बामनिया, विधायक दयाराम परमार और दूसरे नेताओं ने प्रदर्शनकारियों के साथ बैठक भी की है ताकि कोई बीच का रास्ता निकल सके। बामनिया ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि हमने प्रदर्शनकारियों से शांति को रोकने और बहाल करने की अपील की है। बैठक में इस पर आम सहमति थी। बैठक में क्षेत्र के सभी जन प्रतिनिधि उपस्थित थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्यपाल कलराज मिश्र ने भी मुख्यमंत्री से बात की है।
डूंगरपुर में प्रदर्शन बीते करीब 20 दिन से चल रहा है। गुरुवार को ये हिंसा उस वक्त शुरू हुई जब 2018 के पात्रता परीक्षा के उम्मीदवारों ने उदयपुर-अहमदाबाद राजमार्ग जाम कर दिया। इसके बाद उनका पुलिस से टकराव हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और वाहनों को आग लगा दी। इसके बाद पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किया गया और हवाई फायरिंग भी की गई। तब से स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है।












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