भागवत के आजादी वाले बयान पर राहुल गांधी ने फिर कसा तंज, जानिए अब क्या कहा
Constitution Security Conference in Patna: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के शनिवार के दौरे से पहले पटना में पोस्टर युद्ध छिड़ गया है। गांधी "संविधान सुरक्षा सम्मेलन" में शामिल हुए। इससे पहले कांग्रेस ने शहर को गांधी के स्वागत वाले पोस्टरों से पाट दिया। कांग्रेस की ओर प्रसारित किए गए इन पोस्टरों में उनकी यात्रा के महत्व पर जोर दिया गया है। कांग्रेस ने इस यात्रा को गरिमा और एकजुटता के क्षण के रूप में दर्शाया गया है। वहीं भाजपा के एक पोस्टर में कथित तौर पर दावा किया है कि राहुल गांधी के परदादा जवाहरलाल नेहरू ने भीमराव अंबेडकर को चुनाव में हराने में भूमिका निभाई थी। इस बीच राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ मोहन भागवत के एक बयान पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया को लेकर घमासान मचा हुआ है। ऐसे में कांग्रेस सांसद ने अब अपने बयान को लेकर सफाई दी है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पटना में 'संविधान सुरक्षा सम्मेलन' में बोलते हुए संघ प्रमुख को लेकर अपनी टिप्पणी पर सफाई दी। सांसद राहुल गांधी ने कहा, "हम चाहते थे कि जैसे हर जगह गंगा का पानी बहता है, वैसे ही संविधान की विचारधारा भी हर व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए। अगर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कह रहे हैं कि भारत को आजादी 15 अगस्त 1947 को नहीं मिली थी। भारत के संविधान को खारिज करते हुए...वह (आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत) भारत के हर संस्थान से डॉ. बीआर अंबेडकर, भगवान बुद्ध, महात्मा गांधी की विचारधारा को मिटा रहे हैं।"

बता दें कि शुक्रवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि भारत को आजादी 15 अगस्त 1947 को नहीं मिली थी। देश की संस्थाओं को असली आजादी पिछले कुछ वर्षों में मिली।












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