'मोदी सरकार ने पायलटों के हाथ बांध दिए लेकिन', पहलगाम हमले को लेकर राहुल गांधी ने लगाया बड़ा आरोप
Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार (29 जुलाई, 2025) को पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मोदी सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने पहलगाम हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधे आरोप लगाया। इतना ही नहीं सीजफायर को लेकर डोनाल्ड ट्रम्प के दावे पर चुनौती तक दे डाली।
विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद सरकार ने पायलटों के हाथ बांध दिए, जबकि 1971 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सेना को खुली छूट दी थी। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार से चूक हुई है।

राहुल गांधी ने कहा, "भारत सरकार ने गलती की है। हमारी किसी से लड़ाई हुई है और हम उससे कहें कि भैया अब ठीक है, हम लड़ाई नहीं चाहते। हमने आपको एक थप्पड़ मारा है, दूसरा थप्पड़ नहीं मारेंगे। गलती सेना की नहीं, सरकार की थी।"
पीएम मोदी में दम है तो सदन में बोले- ट्रंप झूठ बोल रहे हैं
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर वाले दावे पर राहुल गांधी ने कहा कि ट्रंप ने 29 बार कहा है कि उन्होंने युद्ध रुकवाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर उनमें दम है तो वे सदन में यह बोल दें कि ट्रंप झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी में अगर 50 प्रतिशत भी हिम्मत होगी, तो वे ऐसा कर देंगे।
'न्यू नॉर्मल' पर भी की टिप्पणी
राहुल गांधी ने आजकल चलन में आए एक नए शब्द 'न्यू नॉर्मल' पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री ने सदन में इस शब्द का इस्तेमाल किया और कहा कि सभी इस्लामिक देशों ने हमले की निंदा की है, लेकिन यह नहीं बताया कि पहलगाम हमले के बाद एक भी देश ने पाकिस्तान की निंदा नहीं की, बल्कि हर देश ने आतंकवाद की निंदा की।
"पायलटों के हाथ-पांव बांध दिए"
राहुल गांधी ने सरकार पर इच्छाशक्ति की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि रक्षा मंत्री ने सदन में बताया कि उन्होंने 1.35 बजे पाकिस्तान को आतंकी ठिकानों पर हमले की जानकारी दी, ताकि स्थिति और न बिगड़े। उन्होंने कहा कि सरकार ने 30 मिनट में ही पाकिस्तान के सामने सरेंडर कर दिया, जिससे यह संदेश गया कि सरकार में लड़ने की इच्छाशक्ति नहीं है और उसने पायलटों के हाथ-पांव बांध दिए हैं।
लेकिन इंदिरा गांधी ने सेना को खुली छूट दी थी
राहुल गांधी ने 1971 के युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि तब की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अमेरिका की परवाह नहीं की थी और एक लाख पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ को तैयारी के लिए पूरा समय दिया था, जब मानेकशॉ ने उनसे छह महीने का समय मांगा था।
सेना को पूरी आजादी देनी चाहिए
राहुल गांधी ने पहलगाम आतंकी हमले को क्रूर बताते हुए इसकी निंदा की और कहा कि वे सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। उन्होंने बताया कि वे हमले के बाद पीड़ित परिवारों से मिलने गए, जिनमें नरवाल साहब का परिवार भी शामिल था, जिनका पुत्र नेवी में है। उन्होंने कहा कि वे राजनीतिक काम से लोगों से मिलते रहते हैं और उन्हें पता चल जाता है कि कौन टाइगर है। उन्होंने कहा कि सेना को पूरी आजादी देनी चाहिए और राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रदर्शन करना चाहिए।












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