सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव के दौरान अवमानना केस में राहुल को दी बड़ी राहत
नई दिल्ली- सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक अवमानना केस में राहुल गांधी को निजी उपस्थिति से छूट दे दी है। गौरतलब है कि राहुल राफेल पर सुप्रीम कोर्ट की एक जजमेंट को लेकर पीएम मोदी के खिलाफ "चौकीदार चोर है" वाली टिप्पणी के चलते अदालत की अवमाना के केस का सामना कर रहे हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें नोटिस दिया है। दरअसल, राहुल की उस टिप्पणी को सुप्रीम कोर्ट पहले ही गलत ठहरा चुका है और राहुल अदालत के सामने उसके लिए खेद भी जता चुके हैं।

आपराधिक अवमानना केस की सुनवाई कर रही बेंच के प्रमुख चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने अपने आदेश में मंगलवार को राहुल को राहत देते हुए कहा है, "कथित अवमानना करने वाले को निजी उपस्थिति से अभी के लिए छूट दी जाती है।" हालांकि, इस दौरान कोर्ट ने बीजेपी सांसद द्वारा दायर आपराधिक अवमानना याचिका को बंद करने की राहुल की गुजारिश को भी ठुकरा कर दिया है।
सर्वोच्च अदालत ने कहा कि वह बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी की ओर से दायर आपराधिक अवमानना की याचिका पर 30 अप्रैल को सुनवाई करेगा। उसी के साथ राफेल फाइटर जेट डील को लेकर 14 दिसंबर, 2018 को सुनाए गए फैसले पर लंबित पुनर्विचार याचिका पर भी सुनवाई की जाएगी।
इससे पहले लेखी की ओर से अदालत में पेश हुए पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट से राहुल के खिलाफ जारी नोटिस पर उन्हें सफाई के लिए खुद कोर्ट में पेश होना पड़ेगा। लेकिन, कुछ घंटे के बाद जब चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और संजीव खन्ना की बेंच का आदेश सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर लोड किया गया, तो साफ हो गया कि 30 तारीख को होने वाली सुनवाई में राहुल की निजी मौजूदगी जरूरी नहीं है।












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