राफेल डील पर रक्षामंत्री के जवाब के बाद लोकसभा में बोले राहुल- पर्रिकर नहीं पीएम पर भ्रष्टाचार के आरोप
नई दिल्ली। राफेल डील को लेकर लोकसभा में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब से कांग्रेस अध्यक्ष ने असहमति जाहिर करते हुए कहा है कि जो सवाल किए गए उनका जवाब नहीं मिला है। रक्षामंत्री के भाषण के बाद राहुल गांधी ने कहा जो सवाल विपक्ष के थे, उनको बताया ही नहीं है। सवाल था कि डील में अनिल अंबानी को लाने की बात किसके कहने पर की गई थी। ढाई घंटे तक रक्षा मंत्री से भाषण दिया लेकिन नहीं बताया कि एचएएल से सौदा लेकर अनिल अंबानी की कंपनी को क्यों दिया गया। राहुल ने एक बार फिर से संसद के भीतर प्रधानमंत्री पर डील में भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया।

राहुल ने कहा, मैंने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण या पूर्व रक्षामंत्री पर्रिकर पर घपला करने का आरोप नहीं लगा रहा हूं मेरा आरोप प्रधानमंत्री पर है, क्योंकि डील सीधे तौर पर उनकी देखरेख में हुई है। राहुल ने कहा कि रक्षामंत्री मेरी सिर्फ एक बात का जवाब दे दें कि प्रधानमंत्री ने रक्षा सौदे को बाईपास किया है या नहीं किया है।
राहुल ने कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति से मेरी बातचीत के बारे में सबूत मांगे गए। फ्रांस के मौजूदा राष्ट्रपति मेंक्रो से डील के बारे में बातचीत हुई है, मैंने उनसे पूछा कि क्या डील के दाम बताने में कोई दिक्कत है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर कोई करार नहीं है। फिर दाम बताने में क्या दिक्कत है। राहुल ने कहा, रक्षामंत्री ने नहीं बताया कि सरकार की डील में राफेल के दाम अलग-अलग क्यों हैं और करार को क्यों बदला गया। उन्होंने कहा कि देश को खतरा है तो 36 की जगह 126 विमान क्यों नहीं खरीदे गए।
राहुल गांधी के सवाल पर रक्षा मंत्री निर्मला ने लोकसभा में कहा, ऑफसेट करार को लेकर नीति 2013 में यूपीए के दौरान बनी थीं, जिसे मौजूदा सरकार ने नहीं बदला है। ऑफसेट पार्टनर तय करने का अधिकार निर्माता कंपनी को है। इसमें दोनों देशों की सरकारों की कोई दखल नहीं है। कौन पार्टनर होगा ये उसी कंपनी को तय करना होता है।
शुक्रवार को लोकसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राफेल डील पर सवाल खड़े किए और कहा कि इसमें सरकार काफी किछ छुपा रही है जो देश के सामने आना चाहिए। इसके बाद रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन को डील से जुड़े सवालों के जवाब दिए।












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